दिल्ली चुनाव से पहले बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चलेगा अभियान, LG ने इनकी शिकायतों पर लिया ऐक्शन
दिल्ली के उपराज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को शहर में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ दो महीने का अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय उपराज्यपाल वीके सक्सेना और हजरत निजामुद्दीन के उलेमाओं और मुस्लिम नेताओं के एक समूह के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया है, जिन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई और घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि अवैध घुसपैठियों को घर किराए पर लेने या रोजगार खोजने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने फर्जी तरीकों से प्राप्त किए गए आधार और मतदाता पहचान पत्र जैसे सरकारी दस्तावेजों को रद्द करने की भी मांग की। इसके अलावा,उन्होंने सड़कों,फुटपाथों,पार्कों और सरकारी जमीन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अवैध अप्रवासियों की ओर से हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की।

यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। भाजपा ने आप पर अपने कार्यकाल के दौरान अवैध घुसपैठियों को मतदाता बनाने का आरोप लगाया है,जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। आप 2015 और 2020 में निर्णायक जीत के बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है,जबकि भाजपा का लक्ष्य 25 साल बाद सत्ता हासिल करना है।
एलजी के निर्देश में मदरसों और मस्जिदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां रह रहे अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालें। मुख्य सचिव को अभियान की तामील पर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट सहित समयबद्ध प्रतिक्रिया देने का काम सौंपा गया है।
अवैध घुसपैठियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर ध्यान केंद्रित करने से दिल्ली की राजनीति में नई गर्माहट पैदा हो सकती है।
बांग्लादेश में इस समय अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के साथ जिस तरह की कथित सरकार-प्रायोजित बर्बरता की रिपोर्ट आ रही हैं, वह बहुत ही भयानक है और उसके खिलाफ देश में माहौल सुलग रहा है।












Click it and Unblock the Notifications