दिल्ली में 1984 सिख दंगों के पीड़ितों के लिए नौकरी में योग्यता छूट, LG ने दी मंजूरी
Delhi 1984 Sikh Riots Update: 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बहु-कार्य स्टाफ (MTS) के पद पर भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता में छूट देने का निर्णय लिया है।
राज निवास से जारी एक बयान के अनुसार, अब MTS पद के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 10वीं से घटाकर कक्षा 8वीं कर दी गई है, जिससे इस पद के लिए पात्रता मानदंड का दायरा बढ़ गया है और अधिक लोग आवेदन कर सकेंगे।

रोजगार के अवसरों का विस्तार
यह निर्णय उन पीड़ितों के लिए राहत लेकर आया है जो दशकों से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे थे। उपराज्यपाल ने यह सुनिश्चित किया कि इस फैसले से ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे मानवीय आधार पर उन आवेदकों के बच्चों को रोजगार के अवसर देने पर विचार करें, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो वृद्ध हो गए हैं। राजस्व विभाग ने शेष आवेदकों के लिए शैक्षणिक योग्यता में पूर्ण छूट देने का भी सुझाव दिया है, ताकि वे रोजगार पा सकें।
मृत या वृद्ध आवेदकों के बच्चों को रोजगार देने का प्रावधान
जहां कुछ आवेदक अब इस आयु सीमा को पार कर चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके बच्चों के लिए रोजगार का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में, पीड़ित परिवारों के लिए यह एक राहत का कदम साबित हो सकता है। एक व्यापक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया, जिससे यह पता चला कि कई पात्र आवेदक, जो समय पर योग्यता मानदंड पूरा करने के बावजूद रोजगार से वंचित रह गए थे, अब इस छूट का लाभ उठा सकेंगे।
सिख समुदाय और अन्य प्रतिनिधियों की अपील
विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने उपराज्यपाल से अपील की थी कि वे ऐसे सभी योग्य आवेदकों पर विचार करें, जिनमें वृद्ध और मृतक आवेदकों के परिवारजन भी शामिल हैं। इस अपील के बाद उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को इस मामले को संवेदनशीलता के साथ हल करने का निर्देश दिया।
शैक्षणिक योग्यता में छूट का प्रस्ताव
राजस्व विभाग ने सुझाव दिया कि MTS पद के लिए मूल आवेदकों के परिवार के सदस्यों को आवेदन करने की अनुमति दी जाए और शैक्षणिक योग्यता में छूट दी जाए। हालांकि, दिल्ली के मुख्य सचिव ने इस प्रस्ताव पर ध्यान देते हुए केवल योग्यता छूट पर केंद्रित रहने की सलाह दी। उपराज्यपाल ने सेवा विभाग को इस प्रस्ताव की समीक्षा के लिए वापस भेजा।
सेवा विभाग का निर्णय और उपराज्यपाल की मंजूरी
पूरी जांच के बाद, सेवा विभाग ने 1984 के दंगों के पीड़ितों को विशेष रूप से एक बार की शैक्षणिक योग्यता छूट प्रदान करने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल की मंजूरी मिल गई है, और इसे आगे लागू करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। यह कदम उन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो वर्षों से न्याय और रोजगार के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे।












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