NIA ने की अलगाववादी नेता यासीन मलिक की फांसी की मांग, HC ने जारी किया नोटिस; 9 अगस्त को अगली सुनवाई
एनआईए ने 26 मई को यासीन मलिक के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी। जिसमें कहा गया था कि इस तरह के खूंखार आतंकवादी को मृत्युदंड नहीं देने का परिणाम कानून की विफलता होगी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने अलगाववादी नेता और सजायाफ्ता आतंकवादी यासीन मलिक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक अपील के बाद नोटिस जारी किया है। जिसमें मांग की गई है कि उसे मौत की सजा दी जाए। बीती 26 मई को, एनआईए ने मलिक के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि इस तरह के खूंखार आतंकवादी को मृत्युदंड नहीं देने का परिणाम कानून की विफलता होगी।
आपको बता दें कि जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख को पिछले साल एक ट्रायल कोर्ट ने एक टेरर फंडिंग मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। मलिक ने अपने खिलाफ लगे आरोपों में अपना दोष स्वीकार किया था, जिनमें कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप भी शामिल हैं।
NIA के जनरल ने कोर्ट के समक्ष रखा ये तर्क
NIA के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क कोर्ट के समक्ष रखा। कहा कि मलिक को दोषी मानने के कारण मौत की सजा नहीं देने से सजा नीति का पूर्ण क्षरण होगा और आतंकवादियों के पास मौत की सजा से बचने का रास्ता होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी बहुत चतुराई से अपना गुनाह कबूल कर रहा है। अगर ऐसा जारी रहा तो आतंकवादी अपना जुर्म कबूल करेंगे और बच निकलेंगे।
जानें क्या कहा कोर्ट ने? अब अगली सुनवाई 9 अगस्त को
वहीं, जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और यशवंत सिंह की बेंच ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए यासीन मलिक इस अपील में एकमात्र प्रतिवादी था और उसे आईपीसी की धारा 121 के तहत दोषी ठहराया है, जो वैकल्पिक मौत की सजा का प्रावधान करता है। हम दोनों अर्जियों में उन्हें नोटिस जारी करते हैं। कोर्ट ने संबंधित तिहाड़ जेल अधीक्षक के माध्यम से मलिक को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अगस्त को होगी।
कौने है यासीन मलिक ?
यासीन मलिक एक अलगाववादी नेता है। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) से इसका तगड़ा कनेक्शन है। खास बात यह है कि कश्मीर की राजनीति में हमेशा से ही सक्रिय रहा है। 2022 में NIA कोर्ट ने UAPA और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में यासीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में यासीन ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया था।
यासीन पर लगे 3 गंभीर आरोप
- भारतीय वायुसेना के 4 जवानों की हत्या
- जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम मुफ्ती मोहम्मद की बेटी की किडनैपिंग
- कश्मीरी पंडितों की हत्या और उन्हें घाटी छोड़ने पर मजबूर करना।












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