Delhi Govt vs LG: केंद्र को झटका, केजरीवाल सरकार के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें
Delhi govt vs LG issue: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनी हुई सरकार को प्रशासन पर असली अधिकार मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया है, इससे केजरीवाल सरकार को बड़ी राहत मिली है।

Delhi govt vs LG issue: दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल के मसले पर सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल सरकार को बड़ी जीत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से केजरीवाल सरकार के हक में फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लोकतांत्रिक सरकार में प्रशासन का असली अधिकार चुनी हुई सरकार के पास ही होनी चाहिए।
प्रशासन का असली अधिकार चुनी हुई सरकार का- सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा है कि लोकतांत्रिक सरकार में प्रशासन का असली अधिकार निश्चित तौर पर चुनी है सरकार का है। अगर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अधिकारियों को नियंत्रित करने की शक्ति नहीं दी जाएगी, तो जवाबदेही की ट्रिपल चेन के सिद्धांत का कोई मतलब नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से दिया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस विवाद में सुनाया है कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं पर किसका नियंत्रण होना चाहिए। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि यह सर्वसम्मति से लिया गया फैसला है।
'दिल्ली के मतदाताओं से चुनी गई है दिल्ली सरकार'
सीजेआई ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि उनकी बेंच 2019 के खंडित फैसले में जस्टिस अशोक भूषण से सहमत नहीं हो पा रहे हैं। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि दिल्ली सरकार दिल्ली के मतदाताओं के द्वारा चुनी गई है और प्रतिनिधिक लोकतंत्र में इसकी व्याख्या निश्चित रूप से वैसी ही होनी चाहिए।
'तो सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत प्रभावित होता है'
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर अधिकारी मंत्रियों को रिपोर्ट करना बंद कर दें या उनके निर्देशों से न बंधे रहें, तो सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत प्रभावित होता है। अधिकारियों को लगता है कि वे सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं, जो जवाबदेही कम होगी और जो शासन को प्रभावित करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर प्रशासनिक सेवाओं को विधायिका और कार्यपालिका के दायर से बाहर कर दिया जाता है तो मंत्री लोक सेवकों को नियंत्रित नहीं कर सकेंगे, जिन्हें कि कार्यपालिका के फैसलों को लागू करना है।
'राज्यों का शासन संघ अपने हाथ में न ले'
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि राज्यों के पास भी शक्ति है, लेकिन राज्य की कार्यकारी शक्ति संघ के मौजूदा कानून के अधीन होगी। यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि राज्यों का शासन संघ के द्वारा अपने हाथों में न ले लिया जाए।
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दिल्ली सरकार का सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि पर नियंत्रण नहीं
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिया है कि सेवाओं पर नियंत्रण सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि से संबंधित मामलों तक नहीं होगा। यानि यह सारे विषय केंद्र के अधीन ही रहेंगे। अदालत ने यह भी कहा है कि दिल्ली सरकार अन्य राज्यों की तरह ही प्रतिनिधित्व सरकार का प्रतिनिधित्व करती है और संघ की शक्ति का कोई और विस्तार संवैधानिक योजना के विपरीत होगा।
लोकतंत्र और संघवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि लोकतंत्र और संघवाद के सिद्धांत संघवाद की बुनियादी संरचना का एक हिस्सा हैं, विविध हितों के अस्तित्व को सुनिश्चित करते हैं और विविध आवश्यकताओं को समायोजित करते हैं, इससे विविध हितों का अस्तित्व सुनिश्चित होता है और विविध आवश्यकताओं को समायोजित करता है।












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