OPINION: दिल्ली में घुसने वाली गाड़ियों पर कंजेशन टैक्स, आतिशी सरकार करेगी बड़ी पहल
दिल्ली सरकार अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 'कंजेशन प्राइसिंग' को लेकर जल्द ही नए नियम लाने जा रही है। इसके लिए आतिशी सरकार ने कानूनी दुविधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता जताई है। नए नियम के मुताबिक दिल्ली शहर के 13 बड़े रास्तों पर पीक आवर्स यानी सुबह 8 से 10 और शाम 5:30 से 7:30 बजे तक दिल्ली में दाखिल होने वाली गाड़ियों से 'कंजेशन टैक्स' वसूला जाएगा। दिल्ली सरकार इस टैक्स का इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने और सड़कों को दुरुस्त करने में करेगी। स्कीम के तहत दोपहिया वाहन और ईवी जैसे प्रदूषण-रहित वाहनों को इस टैक्स से छूट देने का भी प्रावधान किया जाएगा।
राष्ट्रीय राजधानी में सरकार कंजेशन प्राइसिंग पहल पर काम कर रही है। कानूनी पेंच के समाधान होते ही इस कंजेशन टैक्स लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए कानून में संशोधन की आवश्यकता है। दरअसल, मोटर वाहन अधिनियम में ऐसे टैक्स के लिए प्रावधान नहीं हैं। ऐसे में अब या तो अधिनियम में संशोधन या नए कानूनी प्रावधानों की जरूरत होगी।

2009 में आया था सुझाव
यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली में ऐसा कदम उठाने पर विचार किया गया है। इसी तरह के प्रस्ताव पहले भी चर्चा में थे, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया जा सका। 2018 में एक योजना आई थी, जिसमें शहर के 21 अधिक ट्रैफिक वाले इलाकों में वाहनों पर जाम टैक्स लगाने का प्रस्ताव था, जिनमें औरंगजेब चौक-अंधेरिया मोड़ कॉरिडोर, नेहरू प्लेस से मोदी मिल्स फ्लाईओवर, हौज़ खास मेट्रो स्टेशन के आस-पास और ITO चौराहे जैसे इलाके शामिल थे। वर्ष 2009 में, कांग्रेस पार्टी की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने राजधानी में प्रवेश करने वाले निजी वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने का सुझाव दिया था। ताकि, सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) को बढ़ावा दिया जा सके। हालांकि, इस प्रस्ताव को बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
कैसे होगा कंजेशन टैक्स कलेक्शन
यह टैक्स ऑटोमेटिक रूप से फास्टैग के माध्यम से एकत्र किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए। दोपहिया वाहन और गैर-प्रदूषणकारी वाहन इस टैक्स से मुक्त रहेंगे। टैक्स-फ्री की कैटेगरी में इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) भी शामिल होंगे। इस टैक्स से होने वाली आय, साथ ही जुर्माने की राशि का उपयोग सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने और साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों जैसे कमजोर उपयोगकर्ताओं के लिए सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने में किया जाएगा।
इसके अलावा दिल्ली से सटे अन्य राज्यों के शहरों से वाहनों की संख्या में वृद्धि और कमर्शियल माल वाहनों की आवाजाही दिल्ली में वाहनों की संख्या को बढ़ा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैफिक में ज्यादा समय तक फंसे रहने से वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण वायु गुणवत्ता पर असर पड़ता है।












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