OPINION: दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री बागवानी योजना, 40 वर्कशॉप का होगा अहम रोल
दिल्ली सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए हैं। वृक्षों के अवैध कटान पर कड़े प्रतिबंध के बाद अब बागवानी के लिए सरकार एक स्कीम ला रही है। जिसको व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हरी- भरी होने के साथ प्रदूषण मुक्त हो इसके लिए मौजूदा सरकार लगातार बड़े कदम उठा रहा है। दिल्ली को स्वच्छ रखने के लिए सरकार कड़े कदम उठाए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रयोग को बढ़ावा ने देने के साथ अब दिल्ली में वन संपदा बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री शहरी बागवानी योजना शुरू करेगी। इसके तहत दिल्ली वासियों को छत पर बागवानी करने के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाएगा।
दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान को गति देने के लिए बागवानी स्कीम ला रही है। जिसके तहत वार्ड स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जानी है। इससे लोगों को बागवानी के लिए प्रशिक्षित करने के साथ किट भी मुहैया कराई जाएगी। दिल्ली सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी जा चुकी है।

सरकार इस योजना के तहत दिल्ली वासियों को बागवानी के नए तरीके सिखाएगी। योजना के तहत ट्रेनिंग में लोगों को बताया जाएगा कि छत पर बागवानी कैसे की जाती है। योजना के तहत प्रशिक्षण के साथ लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके साथ ही बागवानी स्कीम को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने का भी पूरा खाका वन विभाग ने तैयार किया है। जिसके तहत वार्ड स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगीं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में ट्रेनर की नियुक्ति की जानी है। इसके लिए वन विभाग ने मास्टर ट्रेनरों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। मास्टर ट्रेनर के पद पर बागवानी एवं कृषि कार्यों में रुचि रखने वाले 35 साल तक के 40 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को वन विभाग द्वारा बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वन विभाग की ओर से ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन्हें दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यशालाएं आयोजिक कर लोगों में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए तैनात किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर के लिए आवेदन की आखिरी तिथि 30 अगस्त रखी गई है। इन ट्रेनरों को वेतन नहीं बल्कि प्रति कार्यशाला देगा दो हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
मास्टर ट्रेनर को कम जगह में फल और सब्जियां उगाने की ट्रेनिंग देने लिए नियुक्त किया जाएगा। ये ट्रेनर वार्ड स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करेंगे। ट्रेनिंग के दौरान लोगों के बताया जाएगा कि कम जगह का सही तरीके से कैसे उपयोग करके फल सब्जियां, फूल उगाए जा सकते हैं। वार्ड में कुछ चुनिंदा लोगों इसके लिए पूरी किट भी दी जाएगी।












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