OPINION: दिल्ली सरकार की बस एग्रीगेटर्स नीति, प्रदूषण पर कड़ा प्रहार

दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने की नीतियों पर तेजी के आगे बढ़ रही है। इस दिशा में केजरीवाल सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया। जिसके तहत अब दिल्ली में वाणिज्यिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहन में बदला जाएगा। दिल्ली सरकार के मुताबिक दिल्ली में सभी एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं के वाणिज्यिक वाहन इलेक्ट्रिक हो जाएंगे। नियमों के उल्लंघनों पर ₹5,000 से ₹1,00,000 का अर्थदंड भी लगाने का प्रावधान है। सरकार ने दिल्ली में कामर्शियल वाहनों को इलेक्ट्रिक करने की समय सीमा 2023 तक निर्धारित की है। प्रदूषण से जूझते शहर दिल्ली के लिए केजरीवाल सरकार के इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है।

नई वाहन एग्रीगेटर्स नीति राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के भीतर संचालित एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं या ई-कॉमर्स संस्थाओं पर लागू होती है। यह उनके बेड़े में 25 या अधिक मोटर वाहनों (2W, 3W और 4W, बसों को छोड़कर) वाले लोगों को कवर करेगा, जो अपनी सेवाओं के लिए उपभोक्ताओं से जुड़ने के लिए ऐप या वेब पोर्टल जैसे डिजिटल मध्यस्थ का उपयोग करते हैं। सभी मौजूदा या नए ऑपरेटरों को योजना की अधिसूचना के 90 दिनों के भीतर या परिचालन शुरू करने से पहले लाइसेंस प्राप्त करना होगा। लाइसेंस पांच साल के लिए वैध होगा। जिसमें वार्षिक शुल्क लागू होगा और इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में शून्य शुल्क होगा। इसके अतिरिक्त, दो वर्ष से कम पुराने वाहनों के लिए 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान है।

Delhi govt bus aggregators

स्कीम के मुताबिक एग्रीगेटर्स के लिए नए बेड़े में दोपहिया वाहनों के लिए ईवी को शामिल करने का लक्ष्य 100 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। जबकि 3-पहिया वाहनों को 6 महीने में नए बेड़े में 10 प्रतिशत ईवी, 2 साल में 50 प्रतिशत और 4 साल में 100 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल करना होगा। यह योजना चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में परिवर्तन की अनुमति देती है। योजना के लागू होने के पहले 6 महीनों में पांच प्रतिशत नई कारों का इलेक्ट्रिक होना जरूरी है।

योजना की अधिसूचना के चार साल बाद, सभी नए वाणिज्यिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को ईवी होना होगा। अधिसूचना के 5 साल बाद, सभी नए वाणिज्यिक चार पहिया वाहनों को ईवी होना होगा। अधिकारियों ने कहा कि एग्रीगेटर या सेवा प्रदाता को 1 अप्रैल, 2030 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बेड़े में स्विच करना होगा।

प्रदूषण पर नियंत्रण कैसे?
मोटर वाहन एग्रीगेटर योजना 2023, किसी भी व्यक्ति या इकाई पर लागू होगी जो डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम या किसी अन्य माध्यम से वाहनों के बेड़े का संचालन, ऑनबोर्ड या प्रबंधन करता है। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक इस नीति के तहत नीति के तहत एग्रीगेटर्स के लिए पैनिक बटन लगाना अनिवार्य हो जाएगा और इन्हें आपात स्थिति के लिए दिल्ली पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 के साथ इंटीग्रेट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना सेवा प्रदाताओं द्वारा समय पर उपभोक्ता शिकायत निवारण, वाहन फिटनेस लागू करने, प्रदूषण नियंत्रण और परमिट की वैधता सुनिश्चित करेगी।

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