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AIIMS और सफदरजंग के बाहर अब नहीं ठिठुरेंगे बेघर, दिल्ली सरकार ने बेघरों के लिए 5-स्टार जैसी सुविधाएं शुरू की

DUSIB night shelters: दिल्ली में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने बेघर लोगों को बचाने के लिए 'विंटर एक्शन प्लान 2025-26' के तहत अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) ने अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है।

एम्स, सफदरजंग और जीबी पंत जैसे बड़े अस्पतालों के बाहर खुले में सोने वाले लोगों को सुरक्षित रैन बसेरों में पहुंचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भीषण ठंड के कारण किसी भी बेघर व्यक्ति की जान न जाए।

DUSIB night shelters

अस्पतालों के बाहर विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन

दिल्ली सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान एम्स-सफदरजंग और जीबी पंत अस्पताल जैसे इलाकों पर है, जहां दूर-दराज से आए मरीज और उनके परिजन अक्सर खुले में सोने को मजबूर होते हैं। हाल ही में चलाए गए एक मिडनाइट रेस्क्यू ड्राइव के दौरान एम्स इलाके से लगभग 75 बेघर लोगों को बचाकर आश्रय स्थलों में शिफ्ट किया गया है। इन इलाकों में बचाव दल रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि फुटपाथ पर सो रहे लोगों को सुरक्षित छत मिल सके।

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शेल्टर क्षमता में भारी बढ़ोतरी

बढ़ती भीड़ को देखते हुए एम्स-सफदरजंग इलाके में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 350 कर दी गई है। यहां पहले से मौजूद 32 अस्थायी 'पगोडा' शेल्टरों के अलावा तीन नए शेल्टर और जोड़े गए हैं। इतना ही नहीं, अस्पतालों के पास स्थित सब-वे (भूमिगत रास्तों) में भी बिस्तरों और गद्दों का इंतजाम किया गया है ताकि आपात स्थिति में किसी को बाहर न सोना पड़े। जीबी पंत अस्पताल के पास भी 80 बेड की क्षमता वाले 8 नए पगोडा शेल्टर चालू कर दिए गए हैं।

विंटर एक्शन प्लान और सुविधाएं

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, पूरे दिल्ली में संवेदनशील और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगभग 250 अस्थायी पगोडा नाइट शेल्टर बनाए गए हैं। इसके अलावा, DUSIB दिल्ली में 197 स्थायी शेल्टर होम भी चला रहा है जो 24 घंटे खुले रहते हैं। इन आश्रय स्थलों में केवल छत ही नहीं, बल्कि बेघर लोगों के लिए मुफ्त भोजन, साफ बिस्तर, पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि कड़ाके की ठंड में उन्हें कोई असुविधा न हो।

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कंट्रोल रूम और रात भर निगरानी

रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया है, जो 24 घंटे काम करता है। यह कंट्रोल रूम अलग-अलग शेल्टर मैनेजमेंट एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर रेस्क्यू वैन को दिशा-निर्देश देता है। अधिकारियों की टीमें रात भर सड़कों पर घूमकर यह सुनिश्चित करती हैं कि कोई भी व्यक्ति असुरक्षित जगहों पर न सोया हो। सरकार ने जनता से भी अपील की है कि अगर वे किसी बेघर को ठंड में ठिठुरते देखें, तो तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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