दिल्ली की सड़कों को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद, केजरीवाल सरकार का 'पायलट प्रोजेक्ट' देगा नया लुक
दिल्ली में केजरीवाल सरकार एक बड़े प्रोजक्ट पर कार्य करने का प्लान है। जो शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए समर्पित होगा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में आम आदमी पार्टी नेतृत्व वाली सरकार इस साल कई बड़ी योजनाओं लेकर आ रही है। दिल्ली में परंपरागत ऊर्जा के स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ कई पायलट प्रोजेक्ट्स पर दिल्ली सरकार कार्य कर रही है। इनमें कुछ प्रोजक्ट दिल्ली की सौंदर्य को बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हैं। दिल्ली सरकार (Government of Delhi) ने हाल ही में एक ऐसी परियोजना तैयार की है, जिसके तहत दिल्ली के शहरों की सुंदरता बढ़ाने वाली सड़कों को सजाने संवारने के साथ स्वच्छ रखने का कार्य किया जाएगा।
केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए राज्य से शिक्षकों को विदेश ट्रेनिंग के लिए भेजने पर अड़ी है। तो वहीं दिल्ली के सौंदर्य को भी विश्व स्तरीय लुक देने की तैयारी है। इसके लिए सरकार 1 अप्रैल ने एक नई योजना पर कार्य करेगी। दिल्ली शहर के सभी 250 वार्डों की सड़कों को चमकाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए 250 से अधिक एंटी स्मॉग गन कम स्प्रिंकलर्स को हायर किया जाएंगे।
दिल्ली सरकार के इस प्रोजेक्ट के तहत पीडब्ल्यूडी की टूटी सड़कों व गड्ढों के साथ टूटे फुटपाथ, सेंट्रल वर्ज, मेन होल्स, स्लैब, साइनेज, बिजली के खंभे, रेलिंग, लाइेंट्स और एफओबी आदि रिपेयर किए जाएंगे। 10 साल में हर सड़क की दो बार री-सर्फेसिंग होगी। प्रतिदिन मैकेनिकल स्पीपिंग के साथ सड़कों, फुटपाथों, पेड-पौधों को हफ्ते में तीन दिन धोया जाएगा और डीप स्क्रबिंग कर कचरा साफ किया जाएगा। इसके लिए 10 साल का कांन्ट्रेक्ट एजेंसी को दिया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत डीप स्क्रबिंग मशीनें, 150 टैंकर्स व स्प्रिंकलर के साथ 100 मैकेनाइज्ड रोड स्पीपर हायर किए जाएंगे। एमसीडी के 250 वार्डों की छोटी-छोटी सड़कों और उसके किनारे के पेड़-पौधों को धोने के लिए 250 एंटी स्मॉग गन कम स्प्रिंकलर का प्रयोग किया जाएगा।
सड़कों की धुलाई में पानी की बर्बादी ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी प्रयोग होगा। मॉनीटरिंग का भी पुख्ता प्रबंध होगा। कार्य की देखरेख थर्ड पार्टी करेगी। जिस वाहन से निगरानी होगी उस पर कैमरा लगा रहेगा। अनदेखी होने पर कांट्रैक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जााएगी।
वर्क ऑर्डर 20 मार्च के आसपास पास होने की उम्मीद है। सड़कों की सुंदरता बढ़ाने के लिए नई योजना में किसी भी तरह से समझौता करने की गुंजाइश नहीं होगी। दिल्ली की सीएम केजरीवाल ने खुद कहा है कि काम शुरू होने के छह महीने के अंदर सड़कों के रिपेयर का सारा काम पूरा कर लिया जाएगा। मेंटिनेंस के लिए 10 साल का कांट्रैक्ट दिया जाएगा, जो ब्रिज, फुटपाथ, या फिर सड़कों की कही भी मरम्मत होगी 24 घंटे के अंदर पूरा किया जाएगा।












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