बंगाल में कांउटिंग से पहले स्ट्रॉन्ग रूम पर बवाल! TMC ने जारी किया CCTV फुटेज, EC ने आरोपों पर दिया जवाब

West Bengal Strong Room Controversy: पश्चिम बंगाल की सियासत में नतीजों से पहले ही तापमान चरम पर है। 23 और 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद अब 4 मई के फैसले का इंतज़ार है, लेकिन उससे पहले ही ईवीएम सुरक्षा को लेकर घमासान छिड़ गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियों से कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए इसे "लोकतंत्र की हत्या" बताया है।

टीएमसी ने चुनाव आयोग (EC) और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एक कथित CCTV फुटेज जारी किया है। पार्टी का दावा है कि वोटों की गिनती से पहले बैलेट बॉक्स में छेड़छाड़ की जा रही है, इन गंभीर आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने प्रेस कान्‍फ्रेंस कर स्थिति स्‍पष्‍ठ की है और इन आरोपों को सीधे तौर पर खारिज किया है।।

West Bengal

TMC ने जारी किया CCTV फुटेज, चुनाव आयोग ने दिया जवाब

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार ने गुरुवार की देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें बताया कि सभी सात EVM स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सीलबंद हैं। इनकी सीलिंग उम्मीदवारों, उनके एजेंट्स और ऑब्जर्वर की मौजूदगी में नियमानुसार की गई थी।। स्थानीय पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से निगरानी करती हैं, जिसकी लगातार कैमरे से रिकॉर्डिंग भी होती है; हर अधिकारी की भूमिका पहले से तय है।

TMC के वीडियो पर क्‍या बोला चुनाव आयोग?

TMC के वीडियो में दिख रही गतिविधि EVM से संबंधित नहीं, बल्कि पोस्टल बैलेट की वर्गीकरण प्रक्रिया थी। सभी दलों को रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और ईमेल के माध्यम से पहले ही इसकी जानकारी दी गई थी। पोस्टल बैलेट का वर्गीकरण शाम 4 बजे से शुरू हुआ था, और TMC के CCTV फुटेज में भी शाम 5:55 का समय दिख रहा है, जो इस प्रक्रिया की पुष्टि करता है।

चुनाव आयोग के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर मोहम्मद अमीन ने विवादित वीडियो पर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखने वाले लोग राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंट होते हैं। मतदान के बाद मशीनों की सीलिंग और स्ट्रांग रूम तक उनकी शिफ्टिंग रिटर्निंग ऑफिसर व सभी दलों के एजेंटों की मौजूदगी में होती है, जिस पर सभी के हस्ताक्षर होते हैं और पूरी वीडियोग्राफी भी की जाती है।

अमीन ने जोर देकर कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा बेहद कड़ी होती है, जिसमें केंद्रीय सुरक्षा बल (सीआरपीएफ), पैरामिलिट्री फोर्स और स्थानीय पुलिस सहित तीन स्तर की सुरक्षा शामिल होती है। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया में मतगणना हो, मशीनों की शिफ्टिंग हो या निगरानी, कोई भी काम अकेले नहीं किया जाता, हर चरण में राजनीतिक दलों के एजेंट और चुनाव अधिकारी मौजूद रहते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+