Delhi Flight Threats Cases: 510 से ज्यादा फ्लाइट्स को बम की धमकियां, 16 मामलों की जांच NIA के जिम्में!
Delhi Flight Threats Cases: दिल्ली से फ्लाइट्स को निशाना बनाकर दी गई बम धमकियों से संबंधित 16 मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को स्थानांतरित किए जाने की उम्मीद है।
ये मामले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर निहितार्थ रखते हैं। दिल्ली पुलिस ने इन मामलों को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए गृह मंत्रालय को भेजा है। अक्टूबर 2024 के आखिरी दो हफ्तों में, 510 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बम धमकियां मिलीं। ये धमकियां बाद में फर्जी साबित हुईं, लेकिन इनसे 150 से अधिक उड़ानें बाधित हुईं। इससे एयरलाइनों को परिचालन और वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

पहला मामला 16 अक्टूबर को दर्ज किया गया जब दिल्ली से बेंगलुरू जाने वाली अकासा एयर की उड़ान को बम की धमकी के बाद वापस लौटना पड़ा। इसमें 180 से अधिक यात्री सवार थे।
कानूनी धाराएं और जांच
सभी मामले एसयूए एससीए अधिनियम और बीएनएस धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं, जो नागरिक उड्डयन सुरक्षा के खिलाफ गैरकानूनी कृत्यों से संबंधित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिक गहन जांच की आवश्यकता है।
तकनीकी चुनौतियां:
धमकियां वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए दी गईं। कुछ संदेशों के सर्वर यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी में स्थित पाए गए, जिससे जांच एजेंसियों के लिए इनके स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो गया।
जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग
इंटरपोल से मदद: दिल्ली पुलिस ने इंटरपोल से संपर्क किया है ताकि धमकियों के मूल स्थान और डोमेन की जानकारी जुटाई जा सके।
महाराष्ट्र से पूछताछ:
महाराष्ट्र के गोंडिया से जगदीश श्रीराम उइके को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री को ईमेल कर दावा किया था कि उन्हें धमकियों के बारे में जानकारी है। हालांकि, उनकी बात झूठी पाई गई।
आईटी मंत्रालय और सोशल मीडिया पर सख्ती
आईटी मंत्रालय का निर्देश: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फर्जी जानकारी और धमकी भरे संदेशों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। प्लेटफॉर्म्स से आईटी नियमों का पालन करने को कहा गया है।
एनआईए के हाथों जांच क्यों?
- राष्ट्रीय सुरक्षा: इन मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ हैं।
- अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: धमकियों के संदेश विदेशी सर्वरों और VPN के जरिए भेजे गए, जिनका पता लगाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।
- विशेषज्ञता: एनआईए को इस तरह की आतंकवाद और साइबर अपराध से संबंधित मामलों की जांच में विशेषज्ञता है।
चिंताजनक पहलू
- साइबर तकनीकों का दुरुपयोग: VPN और अंतरराष्ट्रीय सर्वरों का उपयोग यह दिखाता है कि अपराधी तकनीकी रूप से सक्षम हैं।
- फर्जी धमकियों का गंभीर प्रभाव: भले ही ये धमकियां फर्जी थीं, लेकिन इससे हवाई सुरक्षा, संचालन और यात्रियों का मनोबल प्रभावित हुआ।
आगे की राह
एनआईए को जांच सौंपे जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इस मामले की तह तक पहुंचने की उम्मीद है। आईटी नियमों के सख्त अनुपालन और सोशल मीडिया की निगरानी से इस तरह की घटनाओं को रोकने के प्रयास किए जाएंगे।












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