Delhi Elections 2025: फूल-माला,चाय-समोसे से लेकर ड्रोन तक की कीमत फिक्स, नियम तोड़ने पर कैंडिडेट का क्या होगा?
Delhi Elections 2025: चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सेवाओं और चीजों की पूरी रेट लिस्ट थमा दी है। सभी प्रत्याशियों को इसी लिस्ट के हिसाब से चुनाव में खर्च करने हैं और चुनाव के बाद आयोग को पूरा हिसाब देना है। सभी पार्टियों के या निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव आयोग के इस नियम से बंधे हुए हैं और इसका उल्लंघन करना उन्हें नियमानुसार भारी पड़ सकता है।
चुनाव आयोग न सिर्फ स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए जिम्मेदार है, बल्कि उसे यह भी सुनिश्चित करना होता है कि कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल चुनावों में पैसों का बेजा इस्तेमाल न करे। हर चुनाव से पहले इसके लिए चुनाव आयोग उम्मीदवारों को सेवाओं और सामानों की एक प्राइस-लिस्ट थमा देता है और दिल्ली में भी वैसा ही किया गया है।

Delhi Elections 2025: प्रत्येक उम्मीदवार के लिए खर्च की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपए निर्धारित
5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए इस बार राजधानी की 70 सीटों पर कुल 699 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव आयोग ने इनमें से प्रत्येक प्रत्याशियों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपए निर्धारित कर रखी है। वहीं प्रत्येक लोकसभा सीट के लिए यह बढ़ाकर 95 लाख रुपए की गई है। 2019 में लोकसभा के लिए यह 70 लाख रुपए और विधानसभा के लिए सिर्फ 28 लाख रुपए थी।
Delhi Elections 2025: जितने लोगों की सभा, उतना खर्च कर सकते हैं उम्मीदवार
इस बार चुनाव आयोग ने दिल्ली के प्रत्याशियों को खर्च के लिए जो प्राइस लिस्ट थमाया है, उसमें कई चीजें काफी दिलचस्प हैं। इसमें टेंट, कुर्सियों, टेबल, मंच और जेनरेटरों पर होने वाले अधिकतम खर्च की सीमा भी तय कर दी गई है। अगर 2,000 लोगों की सभा आयोजित होनी है तो इससे जुड़ा सभी तरह का अधिकतम खर्च 30,000 रुपए हो सकता है। लेकिन, अगर सभा छोटी है और 250 लोगों से कम की उपस्थिति है तो इसपर खर्च की सीमा 6,150 रुपए तय की गई है।
Delhi Elections 2025: दिल्ली चुनाव में एक पेन की कीमत जान लें मतदाता
इसी तरह से झंडे, पोस्टर, होर्डिंग, कट-आउट और स्टिकर सभी की कीमतें तय हैं। मसलन, पार्टी ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले एक पेन की कीमत 6 रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं चुनाव से जुड़े कार्यों के लिए ढोलक जैसे वाद्य यंत्रों के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपए निर्धारित किए गए हैं।
चुनावों में प्रचार कार्यों के लिए कई उम्मीदवार घोड़े और हाथी का भी इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए एक घोड़ा अधिकतम 3,075 रुपए और हाथी 6,150 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराए पर लिया जा सकता है।
वहीं अगर उम्मीदवार किसी अकुशल श्रमिक की सेवा लेते हैं तो उनके लिए अधिकतम 692 रुपए और ग्रेजुएट या ऊपर की पढ़ाई कर चुके लोग हैं तो उन्हें 913 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से खर्च कर सकते हैं।
अब खाने-पीने की चीजों की रेट लिस्ट जान लेना भी जरूरी है। एक पूरा भोजन, लंच या डिनर 70 रुपए से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। एक सैंडविच के लिए 20 रुपए और एक कचौड़ी के लिए 15 रुपए तक खर्च किए जा सकते हैं। पानी की एक बोतल (एक लीटर वाली) 19 रुपए तक में ली जा सकती है।
Delhi Elections 2025: 12 रुपए के समोसे, 6 रुपए की चाय
वहीं एक समोसा या दिल्ली में बहुत ही ज्यादा प्रचलित ब्रेड पकोड़े के लिए 12 रुपए कीमत तय की गई है। छोले-कुलचे और पूड़ी-सब्जी के लिए 35 रुपए प्रति प्लेट की सीमा रखी गई है। चाय के लिए 6 रुपए और कॉफी के लिए 12 रुपए प्रति कप कीमत तय की गई है। ये कीमतें जिला निर्वाचन अधिकारी, मार्केट के डीलरों, राजनीतिक दलों और मौजूदा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर निर्धारित की गई हैं।
Delhi Elections 2025: साफ-सफाई या चुनाव प्रचार, 25 रुपए तक की खरीद सकते हैं झाड़ू
झाड़ू सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) का चुनाव निशान है। चुनाव से जुड़े किसी भी कार्य के लिए इसकी कीमत भी निर्धारित की गई है, जो 25 रुपए से अधिक नहीं होगी।
चुनाव आयोग ने वाहनों की रेट लिस्ट भी तय की है। जैसे टाटा सूमो, इनोवा या स्कॉर्पियो जैसी बड़ी गाड़ियों के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 2,421 रुपए भुगतान किया जा सकता है तो सामान्य कारों के लिए यह मात्र 1,499 रुपए निर्धारित है। वहीं दो-पहिया वाहनों के लिए 84 रुपए तक खर्च किया जा सकता है।
Delhi Elections 2025: 7,000 रुपए में किराए पर लिए जा सकते हैं ड्रोन
चुनाव आयोग ने इस बार ड्रोन के लिए भी रेट तय किए हैं, जो अधिकतम 7,000 रुपए के हिसाब से किराए पर लिए जा सकते हैं। वहीं एक छोटी माला 20 रुपए की और 10 फीट की एक माला 1,500 रुपए से ज्यादा की नहीं होनी चाहिए। अगर उम्मीदवार प्रचार अभियान के दौरान सजावट के लिए फूलों का इस्तेमाल करते हैं तो इसकी कीमत 35 रुपए प्रति वर्ग फीट से अधिक नहीं होगी।
Delhi Elections 2025: खर्च का गलत हिसाब देने पर उम्मीदवारों पर चुनाव आयोग कर सकता है कार्रवाई
सभी उम्मीदवारों को चुनाव संपन्न होने के 30 दिनों के अंदर खर्चों का पूरा हिसाब किताब चुनाव आयोग में जमा कर देना होगा। चुनाव आयोग अपने पर्यवेक्षकों के माध्यम से भी उम्मीदवारों के खर्चों पर नजर रखेगा और इसके लिए वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई जाएगी।
अगर उम्मीदवारों की ओर से खर्चों का ब्योरा देने में कोई कोताही हुई या गलत दावे किए गए तो चुनाव नियमों के तहत उसकी उम्मीदवारी तो रद्द हो ही सकती है और आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।












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