Kalkaji Seat: कांग्रेस की अलका लांबा अब CM आतिशी को देंगी चुनौती, कालकाजी सीट पर अब लड़ाई हुई दिलचस्प
Delhi Election 2025: (Alka Lamba): कांग्रेस नेता अलका लांबा दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने अलका लांबा को कालकाजी सीट से टिकट दिया है। अलका लांबा अब आप उम्मीदवार और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को कालकाजी सीट पर चुनौती देंगी।
कांग्रेस ने शुक्रवार 03 जनवरी को एक बयान में कहा, "केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अलका लांबा की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है।" अलका लांबा के कालकाजी सीट पर चुनाव लड़ने से इस सीट में दिलचस्पी लोगों की और बढ़ गई है।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने पहले अरविंद केजरीवाल के खिलाफ असफल चुनाव लड़ा था। सूत्रों का कहना है कि अलका लांबा कालकाजी से चुनाव लड़ने की इच्छुक नहीं थीं। लेकिन अब पार्टी ने उन्हें तैयार कर लिया है। दिल्ली में लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस पिछले दो दिल्ली चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: अलका लांबा रिपोर्ट कार्ड
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में अलका लांबा कांग्रेस के टिकट पर चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़ी थीं। लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा था। आप के उम्मीदवार प्रह्लाद सिंह साहनी ने जीत दर्ज की थी। अलका लांबा सीट पर तीसरे स्थान पर थीं।
2015 के विधानसभा चुनाव में अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी की टिकट पर चांदनी चौक से चुनाव लड़ी थीं और जीती थीं। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवारसुमन गुप्ता को 18 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।
Who is Alka Lamba? कौन हैं अलका लांबा?
अलका लांबा वर्तमान में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। अलका लांबा आप की पूर्व नेता और चांदनी चौक सीट से विधायक रह चुकी हैं। आप के भीतर अपमान का हवाला देते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया था और 2019 में कांग्रेस में वापस आ गई थीं।
अलका लांबा ने पहले भी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ असफल चुनाव लड़ा है। अलका लांबा ने आतिशी के खिलाफ अपनी उम्मीदवारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि वह सीएम के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ रही हैं क्योंकि केजरीवाल ने खुद आतिशी को 'अस्थायी सीएम' कहा था।
अलका लांबा ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि मैं सीएम के खिलाफ चुनाव लड़ रही हूं। अरविंद केजरीवाल ने खुद आतिशी को 'अस्थायी सीएम' कहा था, इसलिए उनके पास केवल एक महीना बचा है। केजरीवाल वैसे भी वापस नहीं आएंगे। एक संवैधानिक पद पर आसीन एक महिला के रूप में, वह अपने पद का अपमान कर रही हैं। आतिशी को केजरीवाल द्वारा 'अस्थायी सीएम' कहे जाने पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।''












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