उमर खालिद को हथकड़ी लगाकर पेश करने की पुलिस की याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा-वे गैंगस्टर नहीं
नई दिल्ली, जून 7: दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें पुलिस ने दिल्ली दंगों के आरोपी दिल्ली दंगों में आरोपी जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद व खालिद सैफी को हथकड़ी में पेश करने की अपील की थी। हथकड़ी लगाकर निचली कोर्टों में पेश करने की अनुमति देने की पुलिस की याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि वे गैंगस्टर नहीं हैं।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के समक्ष सुनवाई के लिये पेश की गई इस याचिका में 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपियों खालिद और सैफी को 'पीछे की ओर से दोनों हाथों में हथकड़ी' लगाने की अनुमति मांगी गई थी। याचिका में कहा गया कि वे उच्च जोखिम वाले कैदी हैं। इस पर न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए इसे आधार रहित करार दिया। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस और जेल प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों ने बिना प्रक्रिया अपनाए और दिमाग लगाए यह आवेदन दाखिल किया है।
एडिशनल सेशन जज ने कहा कि ना तो ये पूर्व में अपराधी रहे हैं और ना ही कोई गैंगस्टर हैं, ऐसे में हथकड़ी पहनाकर पेश करने की कोई जरूरत नहीं है। अभी कोरोना का संकट, ऐसी अपील की जरूरत नहीं साथ ही अदालत ने ये भी कहा कि इस वक्त ऐसी अपील की जरूरत नहीं है, क्योंकि वैसे भी कैदियों को फिजीकली अदालत में नहीं लाया जा रहा है क्योंकि कोरोना का संकट बरकरार है।
पुलिस की ओर से तर्क दिया गया कि हाल ही में एक अंडर ट्रायल कैदी को कुछ लोगों ने छुड़ाने का प्रयास किया था, इसलिए पुलिस ने अदालत में इस तरह की याचिका दायर की गई। कोर्ट ने इसे भी मानने से इनकार दिया। गौरतलब है कि दिल्ली में साल 2020 की शुरुआत में दंगे हुए थे, इसी केस में उमर खालिद और खालिद सैफी पर लोगों को भड़काने का आरोप लगा था। तब से दोनों जेल में बंद हैं।












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