Delhi Chunav: दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ेगी अजित पवार की NCP, 25-30 सीटों पर उतारेगी कैंडिडेट

Delhi Assembly Elections 2025: दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ लेते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट ने आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है। यह निर्णय पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि एनसीपी राष्ट्रीय राजधानी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसी प्रमुख राजनीतिक ताकतों को चुनौती देने का इरादा रखती है।

दिल्ली में विस्तार की रणनीति

यह पहली बार नहीं है जब एनसीपी ने महाराष्ट्र के बाहर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हालांकि पार्टी के भीतर अजित पवार और शरद पवार के नेतृत्व में हुए विभाजन के बाद यह पहला प्रमुख चुनाव होगा। इससे पहले 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में एनसीपी ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। इस बार अजित पवार गुट ने अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाते हुए 25-30 निर्वाचन क्षेत्रों को चिन्हित किया है।

ajit pawar

घोषित उम्मीदवार और फोकस क्षेत्र

एनसीपी ने विविध और सशक्त उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। जिनमें बुराड़ी से रतन त्यागी, बादली से मुलायम सिंह, किराड़ी से संजय सिंह प्रजापति, संगम विहार से उमर अली इदरीसी, सीलमपुर से रूही सलीम शामिल है। यह उम्मीदवार चयन राजधानी के अलग-अलग समुदायों और मतदाता समूहों को ध्यान में रखकर किया गया है।

दिल्ली चुनाव, त्रिकोणीय मुकाबला

5 फरवरी को होने वाले चुनावों में आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। एनसीपी के इस प्रवेश ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे और यह देखना दिलचस्प होगा कि एनसीपी अपनी रणनीति के साथ दिल्ली की राजनीति में क्या प्रभाव डालती है।

अजित पवार का नेतृत्व और एनसीपी की चुनौती

अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी ने महाराष्ट्र से बाहर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश तेज कर दी है। दिल्ली में पार्टी का यह कदम न केवल उसकी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। बल्कि इसे भारतीय राजनीति में एक नए मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

एनसीपी का दिल्ली चुनाव में उतरने का ऐलान

एनसीपी का दिल्ली विधानसभा चुनाव में अकेले उतरने का ऐलान किया है। 25-30 सीटों पर ध्यान केंद्रित मजबूत उम्मीदवारों का चयन किया है। दिल्ली की त्रिकोणीय चुनावी लड़ाई में नई चुनौती। दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान और 8 फरवरी को परिणाम की घोषणा होगी।

दिल्ली में अपनी जगह बनाने का एनसीपी का यह प्रयास राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी के बढ़ते कदम को दर्शाता है। अजित पवार गुट का यह साहसिक निर्णय न केवल राजधानी की राजनीति में नया रंग भरेगा। बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक शहरों में पार्टी की ताकत की परीक्षा भी लेगा।

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