Delhi Chunav 2025: जिन पुजारियों के लिए केजरीवाल ने शुरू की स्कीम,वही क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
Delhi Chunav 2025: आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों के लिए जो 'पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना'का वादा किया है, उसे बीजेपी सिर्फ दिखावा कह रही है। वह केजरीवाल को चुनावी हिंदू कहकर उनपर हमला भी कर रही है। लेकिन, चौंकाने वाली बात ये है कि जिन पुजारियों को सम्मान योजना के पैसे देने के लिए केजरीवाल ने पहला फॉर्म भरा है,उन्होंने ही प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार (31 दिसंबर, 2024) कनॉट प्लेस के प्राचीन हनुमान मंदिर के बाहर पुजारियों ने केजरीवाल की ओर से से घोषित योजना पर उनसे स्पष्टीकरण की मांग करते हुए यह प्रदर्शन किया है।

Delhi Chunav 2025: 10 साल में क्यों नहीं शुरू की ऐसी योजना, प्रदर्शनकारी पुजारियों ने केजरीवाल से मांगी सफाई
प्राचीन हनुमान मंदिर के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने वाले पुजारियों की दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से यह मांग है कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि बीते 10 वर्षों में उन लोगों को इस तरह की वित्तीय सहायता क्यों नहीं उपलब्ध करवाई गई।
केजरीवाल ने मंगलवार से खुद ही इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करना शुरू किया है, जिसे फिर से आम आदमी की सरकार बनने पर पूरा किए जाने का वादा किया जा रहा है।
Delhi Chunav 2025: हिंदू जागृत हो रहा है तो यह बढ़िया कदम आ रहा है- प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत
वहीं कनॉट प्लेस के प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत नवल किशोर ने एएनआई से बातचीत में कहा है, "बढ़िया निर्णय है। पहले तो केवल मुसलमानों का पक्ष लिया जाता था और मुसलमानों को ही यह दिया जाता था। तो अब हिंदू जागृत हो रहा है तो यह बढ़िया कदम आ रहा है। स्वागत योग्य है। लेकिन, मैं एक बात ये भी कहना चाहूंगा कि जरूरतमंद को ही मिलना चाहिए।"
Delhi Chunav 2025: संपन्न मंदिरों, गुरुद्वारों को तनख्वाह देने की क्या जरूरत- मंदिर के महंत
महंत ने इसे आगे विस्तार से बताते हुए कहा, "..जैसे हमारा मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और बड़े मदरसे ये सब संपन्न हैं पहले से....क्या जरूरत है इनको तनख्वाह देने की ...क्योंकि सरकार के पास पर्याप्त पैसा भी तो होना चाहिए। वो पैसा कहां से अरेंज होगा...तो अच्छी तरीके से सरकार चले..वो उन पैसों को वहां दे, जहां जरूरत है। जिस मंदिर में, गुरुद्वारे में मदरसे में जहां देना चाहे...लेकिन जहां जरूरत की बात है,वहां दे...अन्यथा ये टैक्स का पैसा है, सरकारी पैसा है ये खराब होगा। ऐसा तो होना नहीं चाहिए। अच्छा निर्णय है, ये बहुत पहले हो जाना चाहिए था। लेकिन, भेदभाव ये हुआ कि बड़े सालों के बाद ये निर्णय आ रहा है।"
Delhi Chunav 2025: पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना क्या है?
केजरीवाल ने सोमवार को फिर से आप की सरकार बनने पर 'पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना' के तहत दिल्ली के मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारा के ग्रंथियों को हर महीने 18,000 रुपए मासिक वित्तीय सहायता देने का वादा किया है।
इससे पहले आप की सरकार दिल्ली वक्फ बोर्ड के मस्जिदों के इमामों को इतनी ही रकम हर महीने देती रही है। लेकिन,वह इस बात को लेकर केजरीवाल और उनकी आप सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं कि उन्हें 17 महीनों से फूटी कौड़ी नहीं दी जा रही है।
Delhi Chunav 2025: बीजेपी पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना को लेकर आप पर साध रही है निशाना
उधर बीजेपी ने इस योजना को लेकर आम आदमी पार्टी और उसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ हमला जारी रखा है। मंगलवार सुबह पार्टी ने एक्स पर केजरीवाल का एक पोस्टर शेयर करते हुए लिखा,
'चुनावी हिंदू केजरीवाल। जो 10 साल से इमामों को सैलरी बांटता रहा। जो खुद और उनकी नानी प्रभु श्रीराम का मंदिर बनने से खुश नहीं थे। जिसने मंदिर और गुरुद्वारों के बाहर शराब के ठेके खोले। जिसकी पूरी राजनीति हिंदू विरोधी रही। उसे अब चुनाव आते ही पुजारियों औ ग्रंथियों की याद आई?'
पोस्टर के निचले हिस्से में तीन लाइन में तुकबंदी की कोशिश की गई है-'मंदिर जाना है बस मेरे लिए एक छलावा, पुजारियों का सम्मान बस मेरा चुनावी दिखावा,सनातन धर्म का मैंने हमेशा मजाक उड़ाया।'












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