Delhi BJP Manifesto: 'संकल्प पत्र भाग 2' क्या गेम चेंजर होने वाला है, किस वर्ग पर हो सकता है बड़ा असर?
Delhi BJP Manifesto: दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने भी इस बार अपने घोषणा पत्र को, जिसे पार्टी संकल्प पत्र कहती है, हिस्सों में जारी कर रही है। पहले भाग में महिला,बुजुर्गों और काफी हद तक झुग्गी-झोपड़ी वाले वोटरों पर फोकस किया था, तो दूसरे में गरीबों, युवाओं, दलितों, ऑटो वालों और राजधानी दिल्ली में असंगठित क्षेत्र में रोजगार में जुटे कामगारों और कारोबारियों पर फोकस किया है।
अगर मंगलवार को जारी बीजेपी के संकल्प पत्र के दूसरे भाग पर गौर करें तो इसे कुल 6 तरह के वोट बैंक पर फोकस करके बयाना गया लगता है। संकल्प पत्र के पहले हिस्से को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जारी किया था तो दूसरे को पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज नेता अनुराग ठाकुर ने दिल्ली बीजेपी के नेताओं की मौजूदगी में जारी किया है।

Delhi BJP Manifesto: समाज के हर वर्ग और समुदायों के गरीब मतदाताओं को बनाया लक्ष्य
बीजेपी ने वादा किया है कि दिल्ली में सत्ता में आने पर वह दिल्ली के जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को सरकारी संस्थानों में KG (kindergarten) से लेकर PG (postgraduate level) तक की शिक्षा मुफ्त में उपलब्ध करवाएगी। इस तरह से पार्टी ने इस योजना के तहत समाज के हर वर्ग के गरीबों (जाति-धर्म से ऊपर)पर फोकस करने की कोशिश की है।
Delhi BJP Manifesto: सबका साथ, सबका विकास की नीति के तहत समाज के बड़े तबके के वोट पर नजर
इसी तरह से पार्टी ने एक वादा ये किया है कि वह अपनी सरकार बनने पर यूपीएससी या राज्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियों में जुटे प्रतियोगियों को इसके लिए एकमुश्त 15,000 रुपए की रकम देगी और दो बार इसके लिए आवेदन फॉर्म भरने में होने वाले खर्चों और प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए यात्रा का खर्च भी उठाएगी।
एक बार इसके माध्यम से पार्टी ने फिर से 'सबका साथ, सबका विकास' वाली अपनी नीति के तहत समाज के सभी वर्गों पर प्रभाव डालने की कोशिश की है।
Delhi BJP Manifesto: दलित वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने चला बड़ा दांव
बीजेपी के संकल्प पत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टाइपेंड स्कीम के तहत आईटीआई और पॉलिटेक्निक कौशल केंद्रों में तकनीकी शिक्षा लेने वाले दलित छात्रों (अनुसूचित जाति) को हर महीने 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता देने का भी वादा किया है। इसके माध्यम से पार्टी दलित वोट बैंक में अपनी पहुंच बेहतर करने की पहल कर रही है।
दिल्ली में पहले यह वोट बैंक कांग्रेस का समर्थक माना जाता था, लेकिन अब आप ने इसमें अपनी पकड़ मजबूत की है। बीजेपी इस तबके के खास हिस्से पर फोकस कर रही है और इसके माध्यम से वह कुछ प्रतिशत भी अतिरिक्त वोट जुटाने में सफल रही तो चुनाव का परिणाम चौंकाने वाला हो सकता है।
Delhi BJP Manifesto: ऑटो-टैक्सी वालों के माध्यम से लाखों वोटरों पर असर डालने की कोशिश
बीजेपी के घोषणा पत्र में राजधानी के ऑटो-टैक्सी वालों के लिए वेलफेयर बोर्ड के गठन की बात कही गई है। इसके तहत इनके लिए 10 लाख रुपए की जीवन बीमा और 5 लाख रुपए की दुर्घटना बीमा देने का वादा किया गया है।
दिल्ली में अनुमानित तौर पर डेढ़ लाख से ज्यादा सिर्फ ऑटो वाले हैं। सभी तरह की टैक्सी वालों को मिलाकर इनकी संख्या कई लाखों में हो जाती है। भाजपा ने इनके बच्चों के लिए स्कॉलरशिप का भी वादा किया है। ऑटो वाले आम तौर पर केजरीवाल समर्थक माने जाते रहे हैं। लेकिन, इस बार इनमें उनके लिए कुछ नाराजगी भी देखी जा रही है।
केजरीवाल ने भी इनके लिए इस बार इसी तरह का वादा किया है। लेकिन, भाजपा ने इनपर भी दांव लगाकर आप की रणनीति की कमर तोड़ने की कोशिश की है।
Delhi BJP Manifesto: असंगठित क्षेत्र के कामगारों पर दांव लगाकर धारणा बदलने की पहल
भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र का जो पांचवां हिस्सा है, वह भी बहुत बड़ा दांव है। इसके तहत पार्टी ने घरों में काम करने वाले माली और रसोइयों जैसे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भी 10 लाख रुपए जीवन बीमा और 5 लाख रुपए की दुर्घटना बीमा देने का वादा किया है। इसके साथ ही इनके लिए घरेलू सहायक कल्याण बोर्ड का भी वादा किया गया है।
इनके बच्चों के लिए स्कॉलरशिप और 6 महीने की पेड़ मैटरनिटी लीव की भी बात कही गई है। यह आमतौर पर वह तबका है, जो अबतक आप का कोर वोटर माना जाता रहा है,लेकिन इनके लिए बीजेपी ने जो वादे किए हैं,वह ऐसे वर्ग के मतदाताओं की धारणा बदलने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
Delhi BJP Manifesto: रेहड़ी पटरी वालों के माध्यम से चुनावी फिजा बदलने की कोशिश
भाजपा के घोषणा पत्र का छठा हिस्सा बहुत ही निर्णायक साबित हो सकता है। दिल्ली के करीब 4 लाख रेहड़ी पटरी वालों को बिना कुछ गिरवी रखे लोन की सुविधा बढ़ाने की बात कही गई है, जिससे इन्हें अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिल सके।
भाजपा ने वादा किया है, पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों की संख्या दिल्ली में दोगुनी की जाएगी। एक बार फिर से यह समाज का गरीब तबका है, लेकिन आम मतदाताओं तक इनकी पहुंच चुनावी फिजा बदलने का दम जरूर रखती है।
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