365 दिन, 370 आरोग्य मंदिर और 70 अटल कैंटीन, दिल्ली BJP सरकार का रिपोर्ट कार्ड, CM रेखा ने गिनाईं उपलब्धियां
Delhi BJP government 1 year: दिल्ली में बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में पूरी कैबिनेट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा। ठीक एक साल पहले 20 फरवरी 2025 को इसी दिन और इसी समय उन्होंने कार्यभार संभाला था। इसलिए सालगिरह पर सचिवालय से ही कामकाज का हिसाब दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्ट कार्ड सिर्फ कागज नहीं, बल्कि एक साल की मेहनत का दस्तावेज है। उनके शब्दों में, "हम दिल्ली को बहानों की राजनीति से निकालकर विकास की राह पर लाए हैं। पहले शोर ज्यादा था, अब काम ज्यादा है, हम 'मैं' नहीं, 'हम' की राजनीति कर रहे हैं।''

स्वास्थ्य पर फोकस, आयुष्मान और आरोग्य मंदिर की चर्चा (Healthcare Push)
रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य सेवाओं को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पहली ही कैबिनेट बैठक में आयुष्मान योजना लागू करने का फैसला लिया गया था। सरकार के मुताबिक, एक साल में 30 हजार से ज्यादा लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है।
दिल्ली में 370 नए आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। सरकार का दावा है कि आधुनिक मशीनें, नई एंबुलेंस और डिजिटल हेल्थ सुविधाएं जोड़ी गई हैं। मरीजों का डेटा अब HIMS पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध है और ओपीडी के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य एक ऐसा हेल्थकेयर सिस्टम बनाना है जो संवेदनशील भी हो और भविष्य के लिए तैयार भी।
अटल कैंटीन से सम्मानजनक भोजन (Atal Canteen Initiative)
सरकार ने 70 अटल कैंटीन शुरू करने का दावा किया है। यहां रोजाना करीब 70 हजार लोगों को भोजन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराने की पहल है।
झुग्गी से मकान तक का वादा (Housing for Slum Dwellers)
रेखा गुप्ता ने कहा कि 'झुग्गी को मकान' देने का वादा तेजी से पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में 13 हजार आधुनिक फ्लैट झुग्गीवासियों को दिए जाएंगे। इसके साथ ही मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन को देश में सबसे अधिक बताया गया।
मजदूर बहनों के बच्चों की देखभाल के लिए 500 पालना केंद्र खोले गए हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति की बस्तियों में विकास कार्यों के लिए 85 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।
पानी, सीवर और बिल माफी (Water & Sewer Reforms)
मुख्यमंत्री ने जल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि 180 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाई गई है और 144 नई लाइनों के टेंडर जारी हो चुके हैं। इस साल 105 एमजीडी क्षमता वाला चंद्रावल प्लांट पूरा होने की उम्मीद है, जिससे 10 विधानसभा क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
पानी के बिलों के निपटारे के अभियान के तहत 3 लाख 52 हजार लोगों ने अपने बिल सेटल कराए और करीब 1400 करोड़ रुपये के बिल माफ किए गए।
भ्रष्टाचार पर डिजिटल वार (Digital Governance)
सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए व्यवस्थाओं को डिजिटाइज किया गया है। अस्पतालों से लेकर अन्य सेवाओं तक ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "कागज कम और काम ज्यादा" के सिद्धांत पर सरकार ने दिल्ली का वर्क कल्चर बदला है।
रेखा गुप्ता के भाषण की बड़ी बातें (Key Highlights)
1. रेखा गुप्ता ने कहा, ''365 दिन के कार्यकाल में हमने दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ताकत और नई दिशा देने का काम किया है। आयुष्मान भारत योजना, 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से लेकर अत्याधुनिक मशीनों, नई एंबुलेंस और डिजिटल हेल्थ सुविधाओं तक, हर कदम का एक ही उद्देश्य रहा है कि हर नागरिक को समय पर, सम्मानजनक और बेहतर इलाज मिल सके। यह एक ऐसा healthcare system बनाने की शुरुआत है, जो संवेदनशील भी है और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार भी।''
2. रेखा गुप्ता ने कहा, ''यह एक वर्ष जनविश्वास और तेज विकास का वर्ष रहा है। हमने दिल्ली को ठहराव से प्रगति और बहानों से समाधान की ओर आगे बढ़ाया है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में, हम पूर्ण समर्पण के साथ #ViksitDelhi के निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं।''
3. रेखा गुप्ता ने कहा, ''हमारी सरकार का एक सफल वर्ष पूर्ण होने पर आप सभी का हार्दिक आभार। आज अपनी कैबिनेट के साथियों के साथ मैंने दिल्ली की जनता के सामने बीते एक साल की सेवा और विकास का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। यह रिपोर्ट कार्ड हमारे एक वर्ष के परिश्रम और परिवर्तन का साक्ष्य है। हमारी सरकार वादों की नहीं, बल्कि परिणामों की सरकार है। हमने घोषणाओं के बजाय धरातल पर काम करने को प्राथमिकता दी है।''
4. रेखा गुप्ता ने कहा, ''पिछले एक साल में हमने दिल्ली को ठहराव से गति की ओर ले जाने का सफल प्रयास किया है। हमने शासन को बहानों से समाधान की ओर और विज्ञापनों से वास्तविक विकास की ओर मोड़ा है। 'कागज कम और काम ज्यादा' के सिद्धांत पर चलते हुए हमने दिल्ली के वर्क कल्चर को पूरी तरह बदला है।''












Click it and Unblock the Notifications