Delhi Chunav: भाजपा नेता प्रवेश वर्मा का आरोप, कहा-'AAP वादे के मुताबिक झुग्गीवासियों को घर देने में विफल रही'
Delhi Assembly Elections 2025: भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए आवास प्रदान करने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। वर्मा ने दावा किया कि सरकारी आवास योजना के तहत झुग्गी बस्तियों के निवासियों से महत्वपूर्ण राशि वसूलने के बावजूद उन्हें वादे के अनुसार घर नहीं मिले हैं।
झुग्गी निवासियों से वादाखिलाफी का आरोप
भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने कहा कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले कई लोगों ने आवास योजना के तहत 1 लाख रुपए तक का भुगतान किया। लेकिन अब तक उन्हें कोई आवास नहीं मिला। उन्होंने आप सरकार पर झुग्गी निवासियों को गुमराह करने और आर्थिक रूप से शोषित करने का आरोप लगाया।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहां प्रभावित झुग्गी निवासियों ने भी भाग लिया। वर्मा ने आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि इन दस्तावेजों से यह साबित होता है कि आप सरकार ने धन एकत्र किया लेकिन वादे पूरे नहीं किए।
जनता को गुमराह करने वाली पार्टी
परवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आप सरकार ने जनकल्याण की जगह अपने व्यक्तिगत प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी है। झुग्गी बस्तियों के लोगों को घर देने का वादा किया गया। लेकिन उनका शोषण किया गया।
वर्मा ने केजरीवाल पर दिल्ली नगर निगम के तहत झुग्गी बस्तियों को ध्वस्त करने और इसके लिए भाजपा को दोषी ठहराने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने इन झुग्गियों के पुनर्वास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
केजरीवाल के शीश महल पर निशाना
वर्मा ने आप सरकार द्वारा किए गए खर्च पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने अपने शीश महल जैसे भव्य बंगले के नवीनीकरण में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए। लेकिन झुग्गी निवासियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।
राजनीतिक चुनौती और तीखी बहस
प्रवेश वर्मा के आरोप अरविंद केजरीवाल द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को झुग्गी निवासियों के मामलों को वापस लेने और उन्हें 24 घंटे के भीतर बसाने की चुनौती के जवाब में आए हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर भाजपा उनकी चुनौती स्वीकार करती है तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।
शहरी गरीबी और आवास पर सवाल
दिल्ली में आवास और झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास का मुद्दा चुनावी बहस का मुख्य केंद्र बन गया है। झुग्गी निवासियों ने आवास प्राप्त करने में कई चुनौतियों का सामना किया है। जिससे शहरी गरीबी और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।












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