अंकित सक्सेना मर्डर: 1 करोड़ के मुआवजे की मांग की तो शोकसभा बीच में छोड़कर चले गए केजरीवाल
नई दिल्ली। अंकित सक्सेना हत्या के बाद इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी उल्लू सीधा करने में लगी हुईं हैं। सोमवार को दिल्ली के ख्याला में अंकित की तेरहवीं पर शोक सभा आयोजित की गई थी। इस शोक सभा में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत कई अन्य पार्टियों के नेता भी पहुंचे थे। इसके बाद वहां पर मौजूद लोगों ने दिल्ली सरकार द्वारा अंकित सक्सेना के परिजनों के लिए जिस रकम की घोषणा की गई है उसे लेकर विरोध जाताया।

इस अस घटनाक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल प्रार्थनासभा बीच में ही छोड़कर चले गए। इसके बाद विपक्षी पार्टियां केजरीवाल के इस व्यवहार की आलोचना कर रही है। प्रार्थना सभा में मौजूद दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लिया। तिवारी ने अंकित के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की। मनोज तिवारी ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार एमएम खान की मौत पर एक करोड़ रुपए दे सकती है तो अंकित सक्सेना के परिवार वालों को क्यों नहीं।दिल्ली सरकार साम्प्रदायिक भेदभाव कर रही है।
आप से निष्कासित नेता कपिल मिश्रा ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें कपिल मिश्रा ने लिखा कि, 'दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अंकित सक्सेना की शोक सभा में शामिल होने और उनके परिवार से मिलने उनके घर गए थे, लेकिन वहां उन्होंने जो व्यवहार किया वो बहुत आपत्तिजनक है।'
कपिल मिश्रा के मुताबिक, 'अंकित के घरवालों ने जब कहा की जीवनयापन मुश्किल हो रहा है आप एक सहायता राशि की घोषणा कीजिए तो उनके बोलते हुए ही मुख्यमंत्री उठ के चल दिए। अंकित के पिता पीछे से उन्हें पुकारते रहे और अंत में उन्हें कहना पड़ा कि मेरे साथ गेम मत खेलो। ये बहुत अपमानजनक है, क्या मुख्यमंत्री वहां उनका अपमान करने गए थे ! शोक सभा से ऐसे नहीँ जाया जाता।'












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