CM केजरीवाल बढ़ते कोरोना संक्रमण पर बोले, पैनिक की जरूरत नहीं, अधिकांश केस हल्के लक्षण वाले
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर कहा है कि पैनिक की कोई जरूरत नहीं है। अधिकांश मामले हल्के लक्षण वाले हैं। cm arvind kejriwal covid 19 in delhi no panic
नई दिल्ली, 09 अगस्त : बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के माथे पर बल पड़ने लगे हैं। हालांकि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि कोरोना के अधिकांश मामले हल्के लक्षणों वाले हैं। केजरीवाल ने कहा कि सरकार कोरोना संक्रमित होने पर इलाज के इंतजाम समेत बाकी सभी जरूरी कदम भी उठाएगी।

Kejriwal केंद्र सरकार पर हमलावर
गौरतलब है कि केजरीवाल ने दिल्ली में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, मुफ्त चिकित्सा जैसी चुनावी घोषणाओं से काफी लोकप्रियता भी हासिल की है। उन्होंने कहा, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना फ्रीबीज की श्रेणी में नहीं आता। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना किसी भी सरकार का कर्तव्य है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने कहा कि 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ करना फ्रीबीज देना है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची आम आदमी पार्टी
यह भी दिलचस्प है कि AAP ने चुनाव प्रचार के दौरान 'मुफ्तखोरी' का वादा करने वाले राजनीतिक दलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका का विरोध किया है। AAP की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया गया है।
मुफ्त को PM मोदी ने बताया रेवड़ी कल्चर
कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी घोषणाओं में मुफ्त चीजें बांटने को 'रेवड़ी कल्चर' करार दिया था। उन्होंने युवाओं से मुखातिब होकर कहा था कि मुफ्त की चीजें देने का वादा करने वाले लोग कभी हितैषी नहीं हो सकते। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद ये बातें कही थी। उन्होंने कहा था कि मुफ्त चीजों के वादे करने वाले लोग कभी एक्सप्रेसवे और बाकी जरूरी चीजों का निर्माण नहीं कराएंगे।
चुनाव में मुफ्त ऐलान पर SC में मामला
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में भी चुनावी सीजन में घोषित होने वाली स्कीम के खिलाफ याचिका दायर की गई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा है कि चुनाव से पहले मुफ्त बांटी जाने वाली चीजों की घोषणा ंगंभीर मुद्दा है। अदालत ने वरिष्ठ वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से इस संबंध में सुझाव भी मांगा है।












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