दिल्ली: नजफगढ़ में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन, दिखाए गए काले झंडे

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रविवार को नजफगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। टीवी रिपोर्टस के मुताबिक कार्यक्रम में पहुंचने पर कुछ लोगों ने अरविंद केजरीवाल को काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने नजफगढ़ में कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में अयोग्य करार दिए जाने पर बोले हुए कहा, 'जब 70 में से 67 सीटें आई थी तब मैं भी चौंका था। ऊपर वाले को पता था कि ये लोग 3 साल बाद 20 विधायकों को निलंबित कर देंगे इसीलिए इतनी सीटें दे दी।'

'हमारे विधायकों पर फर्जी केस कराये'

'हमारे विधायकों पर फर्जी केस कराये'

केजरीवाल ने कहा, 'आज इन्होंने हमारे 20 विधायक disqualify कर दिए। मैं हमेशा कहता हूं कि ऊपर कोई ताकत है जो पूरे ब्रह्मांड को चला रही है। जब हमारी 70 में से 67 सीट आयी थी तब मैंने सोचा हमारी औकात क्या थी, ऊपर वाले को पता था ये 3 साल बाद ये 20 disqualify करने वाले हैं। इतनी सीट दे दो की ये कुछ न कर पाए।' केजरीवाल ने आगे कहा, 'इन्होंने हमे खूब प्रताड़ित किया, हमारे विधायकों पर फर्ज़ी केस करवाये, मेरे ऊपर सीबीआई रेड करवाई ,लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला, लेकिन अंत में आज इन्होंने हमारे 20 विधायक अयोग्य करार कर दिए।'

ब्रह्मांड की सारी शक्ति हमारे साथ

ब्रह्मांड की सारी शक्ति हमारे साथ

नजफगढ़ में कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने कहा, 'सचाई और ईमानदारी के रास्ते पर आप चलते हो तो बहुत कठनाई आती है, बहुत बाधाएं आती है यह सचाई का रास्ता आसान रास्ता नही है, खूब कांटे आएंगे, लेकिन मैं हमेशा कहता हूँ जब आप सचाई के रास्ते पर चलते हो तो इस ब्रह्मांड की सारी दृश्य अदृश्य सारी शक्तियां आपकी मदद करती है। आज सारा देश मानता है की AAP की सरकार में शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली में बहुत क्रांति आई है, सरकारी स्कूलों का काया-पलट हो रहा है, इस साल सरकारी स्कूलों के नतीजे प्राइवेट स्कूलों से 10% बेहतर आए हैं।'

आखिर क्‍या है ये पूरा मामला

आखिर क्‍या है ये पूरा मामला

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने मार्च 2015 में अपनी पार्टी के 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था। वकील प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति के पास याचिका लगाकर आरोप लगाया था कि ये 21 विधायक लाभ के पद पर हैं, इसलिए इनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। दिल्ली सरकार ने दिल्ली असेंबली रिमूवल ऑफ डिस्क्वॉलिफिकेशन ऐक्ट-1997 में संशोधन किया था। इस विधेयक का मकसद संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद से छूट दिलाना था, लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विधेयक को मंजूरी नहीं दी थी। हाल ही में चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के सभी 20 विधायकों को अयोग्‍य करार दिया और इनकी सदस्‍यता रद्द करने के लिए राष्‍ट्रपति के पास सिफारिश भेज दी थी। आपको बता दें कि आयोग के पास कुल 21 विधायकों के नाम गए थे, लेकिन जरनैल सिंह ने पंजाब चुनाव लड़ने के लिए इस्‍तीफा दे दिया था। ऐसे में 20 विधायकों को अयोग्‍य करार दे दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+