अस्पताल से घर लौटे बाबा का ढाबा वाले कांता प्रसाद, बताई क्यों की थी सुसाइड की कोशिश
नई दिल्ली, जून 25: बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद की हालत में अब सुधार है। जिसके चलते उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बता दें कि, कांता प्रसाद को 18 जून को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब उन्होंने शराब और नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। पुलिस को दिए गए बयान में कांता प्रसाद ने आत्महत्या की कोशिश करने को लेकर चौकाने वाला खुलासा किया है। कांता प्रसाद ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उन्हें कई यूट्यूबर्स द्वारा गौरव वासन से मांफी मांगने के लिए मजबूर किया। जिसके चलते ये कदम उठाया।

'कई यूट्यूबर्स उन पर गौरव वासन से माफी मांगने के लिए दबाव बना रहे थे'
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कांता प्रसाद ने अपने बयान में कहा है कि कई यूट्यूबर्स उन पर गौरव वासन से माफी मांगने के लिए दबाव बना रहे थे। इसकी वजह से वह डिप्रेशन में चले गए थे। पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर का हवाला देते हुए कहा कि 81 वर्षीय की हालत स्थिर है और वह घर वापस आ गया है। सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उसके बाद वह आईसीयू में भर्ती रहे। पुलिस बाबा के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर यूट्यूबर्स की भमिका की जांच कर रही है।

'दवाब के चलते चला गया था डिप्रेशन में'
सूत्रों ने कहा कि पुलिस ने बाबा का बयान गुरुवार को दर्ज किया गया था। जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कई यूट्यूबर्स ने उन्हें फोन कर गौरव वासन से माफी मांगने के लिए कहा था, जिसके बाद से वह डिप्रेशन में चल गये थे। एक्सप्रेस के मुताबिक, इस मामले में अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और पुलिस कथित यूट्यूबर्स की भूमिका की जांच कर रही है। पिछले हफ्ते, पुलिस ने कहा कि परिजनों को कांता प्रसाद भोजनालय में बेहोश मिले थे, जिसके बाद उसे पास के एक निजी अस्पताल में ले गए, अस्पताल ने उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।

बेटे ने किया खुलासा
इससे पहले कांत प्रसाद के बेटे करन ने आरोप लगाया कि उनके पिता डिप्रेशन में थे क्योंकि यूट्यूबर्स सहित कुछ लोग उन पर धोखाधड़ी का मामला वापस लेने और वासन के साथ समझौता करने के लिए दबाव डाल रहे थे। करन ने दावा किया कि, मेरे पिता को लगातार केस वापस लेने और वासन के साथ समझौता करने के लिए कहा जा रहा था। यह मेरे पिता के अवसाद का मुख्य कारण था। वह हमें इसके बारे में कुछ नहीं बता रहे थे, लेकिन हम देख सकते थे कि वह दबाव में थे। हालांकि करन ने ये साफ नहीं किया कि वह किसके बारे में बोल रहे हैं।

'लोग फोन पर गालियां दे रहे थे'
इसे इतर कांता प्रसाद के बड़े बेटे आजाद ने भी इसी तरह का दावा किया था। उन्होंने कहा था, पिता जी ने (17 जून की) सुबह नींद की गोली खाई थी। वह डिप्रेशन में थे। 6 साल पहले भी उन्होंने नींद की गोलियां खाकर खुदकुशी की कोशिश की थी। आजाद ने बताया कि, काफी लोग बोल रहे थे कि गौरव वासन से माफी मांगो। उन पर कई लोगों की ओर दवाब बनाया जा रहा था। लोग उन्हें गालिंया दे रहे थे। इस वजह से वो परेशान हो गए थे। कई बार लोग दुकान पर आकर दो-चार बातें सुनाकर चले जाते थे।

पिछले साल वायरल हुआ था वीडियो
पिछले साल अक्टूबर में यूट्यूबर गौरव वासन ने बाबा का एक वीडियो बनाकर शेयर किया था, जिसमें कांता प्रसाद ने रोते हुए बताया था कि उनके दो बेटे और एक बेटी है, लेकिन कोई मदद नहीं करता है। वह और उनकी पत्नी दिनभर ढाबे पर खाना बनाकर बेचते हैं। लॉकडाउन के चलते अब उनका खाना भी नहीं बिक पा रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर इतना वायरल हुआ कि रातों-रात बाबा की किस्मत बदल गई। लोगों ने बाबा की दिल खोलकर मदद की थी। जिससे बाबा के खाते में 24 लाख से अधिक की राशि जमा हो गई थी।

बाबा और वासन में अनबन के बाद इस महीने हो गई थी सुलह
इसके बाद बाबा ने बाद में गौरव पर धोखाधड़ी का केस दायर कर दिया। इतना ही नहीं, बाबा कांता प्रसाद ने आरोप लगाया कि गौरव ने लोगों से उनके नाम पर बड़ी रकम जुटाई, लेकिन उन्हें कुछ ही हिस्सा दिया था। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने बताया था कि गौरव वासन और उनकी पत्नी ने कांता प्रसाद को लोगों से मिले 4.5 लाख रुपये लौटा दिए थे। जिसके बाद 14 जून को कांता प्रसाद और यूट्यूबर गौरव वासन का वीडियो सामने आया था। गौरव वासन बाबा से मिलने उनके ढाबे पर पहुंचे थे। वीडियो में कांता प्रसाद भावुक हो गए थे, और गौरव के पैर छूने की कोशिश करने लगे।हालांकि गौरव ने उन्हें गले लगा लिया था और बाबा ने माफी मांग ली थी।












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