Atishi Marlena: दिल्ली में 'आप' ने आतिशी को ही क्यों बनाया LoP, केजरीवाल के फैसले की 5 बड़ी वजह?
Atishi Marlena AAP: आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से पार्टी में अपनी भरोसेमंद आतिशी मार्लेना पर भरोसा जताते हुए, उन्हें दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष (LoP) बनने का मौका दिया है। प्रावधानों के तहत नेता विपक्ष होने के नाते आतिशी को उसी तरह की सरकारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो एक कैबिनेट मिनिस्टर को मिलती हैं।
वैसे तो औपचारिक तौर पर आप (AAP) के विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना को विधायक दल का नेता चुना है, जिसकी वजह से उन्हें यह पद मिलने का रास्ता साफ हुआ है। लेकिन, 'आप' में कोई भी फैसला बिना केजरीवाल के आशीर्वाद से संभव नहीं है। खुद आतिशी की प्रतिक्रिया से भी यह लग रहा है।

उन्होंने एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा है, 'दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायक दल की नेता की जिम्मेदारी सौंपने के लिए 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जी और विधायक दल का आभार....।' कुल मिलाकर देखें तो 5 बड़ी वजहें हैं, जिसकी वजह से केजरीवाल के सामने आतिशी से बेहतर विकल्प नहीं था।
Atishi Marlena: दिल्ली में 'आप' के सारे बड़े नेता चुनाव हार गए हैं
दक्षिणी दिल्ली की कालकाजी सीट पर पूर्व सीएम आतिशी भले ही बीजेपी से मात्र 3,521 वोटों से जीतकर विधानसभा पहुंची हों, लेकिन यह भी सच्चाई है कि आम आदमी पार्टी के तमाम बड़े नेताओं में सिर्फ वही अपनी सीट बचा सकी हैं।
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, सत्येंद्र जैन, सोमनाथ भारती सबके सब बीजेपी के उम्मीदवारों के आगे इस बार घुटने टेक चुके हैं।
Atishi Marlena LoP:'आप' सुप्रीमो केजरीवाल की भरोसेमंद हैं आतिशी
आतिशी ने खुद को पार्टी संयोजक केजरीवाल की निगाहों में साबित किया है। वह उनकी 'यस बॉस' हैं। यह बात उन्होंने खुद ही साबित की है, जब मुख्यमंत्री बनाए जाने पर उन्होंने प्रतीकात्मक तौर पर केजरीवाल के इस्तीफे के बावजूद मुख्यमंत्री वाली 'कुर्सी' उनके लिए खाली छोड़ी थी।
ऐसे में केजरीवाल को लगा कि जब सीएम बनकर भी आतिशी उन्हीं के प्रति समर्पित रहीं तो विपक्ष के नेता के तौर पर भी वह उनकी बातें कभी नहीं टालेंगी और जैसा वह चाहेंगे, उसी तरह से विधानसभा में अपना रुख दिखाएंगी।
Atishi Marlena: महिला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने महिला नेता प्रतिपक्ष
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुकाबले महिला होने के नाते नेता प्रतिपक्ष का रोल निभाना आतिशी के लिए ज्यादा अनुकूल साबित हो सकता है। क्योंकि, रेखा गुप्ता पर किसी पुरुष नेता प्रतिपक्ष का हमलावर हो पाना शायद आप की छवि के लिए उतना सहूलियत वाला नहीं हो पाता।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा भी है, 'दिल्ली की जनता ने हमें विपक्ष की भूमिका सौंपी है और हम एक मजबूत विपक्ष के रूप में यह सुनिश्चित करेंगे कि भाजपा सरकार दिल्ली वालों से किए अपने सभी वादे पूरे करें....।'
Atishi Marlena Delhi: पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते स्वाभाविक दावेदार
शराब घोटाले में तिहाड़ जेल से जमानत पर छूटने के बाद अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सितंबर,2024 में अपनी गद्दी आतिशी को ही सौंपी थी। विधानसभा चुनावों के दौरान भी वही मुख्यमंत्री रहीं।
ऐसे में जब आम आदमी पार्टी हार कर विपक्ष में बैठने को मजबूर हुई है तो पिछली विधानसभा में मुख्यमंत्री होने के नाते आतिशी ही इस पद की स्वाभाविक दावेदार भी थीं।
Atishi Marlena: 'आप' और केजरीवाल की कामयाबी के दिनों की रणनीतिकार हैं आतिशी
आतिशी को केजरीवाल ने पहली बार 2023 में तब अपनी सरकार में मंत्री बनाया,जब महीनों से भ्रष्टाचार के आरोपों में तिहाड़ जेल में बंद उनकी सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन को मजबूरन इस्तीफा देना पड़ गया।
लेकिन,सच तो ये है कि आतिशी तभी से आम आदमी पार्टी की रणनीतियां तय करने में जुट गई थीं, जब अन्ना आंदोलन के बाद 'आप' का गठन हुआ था। वह 2013 में दिल्ली में 'आप' के पहले ही चुनाव में इसकी मेनिफेस्टो बनाने वाली टीम का हिस्सा थीं।
इसके बाद कभी किसी राज्य में पार्टी की प्रभारी बनकर तो कभी सरकार में सलाहकार बनकर 'आप' की नीतियों के निर्माण में शामिल रहीं। पिछले साल सितंबर से तो वो केजरीवाल की परछाई बनकर मुख्यमंत्री ही बनी हुई थीं और पार्टी की सरकार के हर फैसले में सक्रिय किरदार निभा रही थीं।












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