Atishi Love story: 'साथ काम करते-करते हो गई मोहब्बत',दिलचस्प है दिल्ली की नई CM आतिशी की प्रेमकहानी
Delhi CM Atishi Love story: दिल्ली की नई मुख्यमंत्री अब आतिशी सिंह हैं, अरविंद केजरीवाल के जेल जाने और पार्टी के बुरे दिन में उन्होंने जिस तरह से पार्टी को संभाला, उसका नतीजा ये हुआ कि उन्हें सीएम की गद्दी सौंपी गई है।
अपने निडर व्यक्तित्व और बेबाक बयानों के लिए लोकप्रिय आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला सीएम हैं। आमतौर पर लो प्रोफाइल जीने वाली आतिशी की पर्सनल लाइफ के भी बारे में सबको पता नहीं है।

आपको बता दें कि राजपूत आतिशी के पति का नाम प्रवीण सिंह हैं और वो आईआईटी दिल्ली और आईआईएम अहमदाबाद से पढ़े हुए हैं और मौजूदा वक्त में सद्भावना इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी जैसे संस्थानों से जुड़े हुए हैं।
आठ साल तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने के बाद वो समाज सेवी बन गए, फिलहाल वो मीडिया के कैमरे से बहुत दूर रहते हैं और इसी वजह से उनके बारे में ज्यादा कोई कुछ जानता नहीं है।
गांव सुधार परियोजनाओं से जुड़ी एक मीटिंग में हुई पहली मुलाकात
कहा जाता है कि दोनों की मुलाकात दिल्ली में गांव सुधार परियोजनाओं से जुड़ी एक मीटिंग में हुई थी, दोनों की सोच, काम करने का तरीका काफी कुछ एक जैसा था, जिसकी वजह से दोनों के बीच में बातें होने लग गईं और एक दिन साथ काम करते हुए दोनों को लगा कि अब ये साथ जीवन भर का हो जाना चाहिए और फिर इन्होंने शादी का फैसला कर लिया।
फैमिली वालों ने दोनों के फैसले का सम्मान किया और फिर आतिशी-प्रवीण सिंह दोनों विवाह के बंधन में बंध गए। आतिशी की कामयाबी में उनके पति का बहुत बड़ा हाथ बताया जाता है, कहते हैं कि वो साइलेंट मोड में हमेशा उन्हें सपोर्ट करते हैं। प्रवीण भी शुरुआत में आम आदमी पार्टी से जुड़े थे।
लाइमलाइट से दूर रहकर काम करना पसंद किया
लेकिन उन्होंने लाइमलाइट से दूर रहकर काम करना पसंद किया। वो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी वो एक्टिव नहीं हैं। हालांकि, योगेंद्र यादव ( जब आप का हिस्सा थे) ने एक बार ट्विटर पर उनके सराहनीय काम की तारीफ की थी।
पिता विजय कुमार सिंह दिल्ली विवि के प्रोफेसर रहे हैं
आपको बता दें कि आतिशी भी काफी पढ़ी लिखी हैं। उनके पिता विजय कुमार सिंह दिल्ली विवि के प्रोफेसर रहे हैं तो वहीं उनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के स्प्रिंगडेल स्कूल में हुई और इसके बाद उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया और इसके बाद इन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री ली।
समाज के गरीबों के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना ने उन्हें समाज सेवा से जोड़ा, इन्होंने बच्चों और महिलाओं की शिक्षा के लिए काफी काम किया है और इसी काम के जरिए वो पहली बार AAP सदस्यों से मिलीं और फिर उनके साथ पार्टी का हिस्सा बन गई और सक्रिय राजनीति में उतर गईं।












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