अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, 'घर-घर राशन योजना' को शुरू करने का किया आग्रह
नई दिल्ली, जून 8। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर 'घर-घर राशन योजना' को लागू करने का आग्रह किया है। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार इस हफ्ते से फ्री राशन की डोरस्टेप सर्विस शुरू करने वाली थे, लेकिन केंद्र सरकार ने इस योजना को अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसको लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र एकबार फिर आमने-सामने आए गए। अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को भी केंद्र सरकार पर इसको लेकर निशाना साधा था और अब उन्होंने सीधा पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस योजना को शुरू करने आग्रह किया है।
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इस योजना से संबंधित टेंडर भी दिए जा चुके थे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में उन्हीं बातों का जिक्र किया है, जो उन्होंने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कही थी। केजरीवाल ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में अगले हफ्ते से 'घर-घर राशन योजना' की शुरुआत होने वाली थी, हमारी सभी तैयारियां पूरी थी, इस योजना के लिए टेंडर भी दिए जा चुके थे, लेकिन अब केंद्र ने इस योजना पर पाबंदी लगा दी है, लोग पूछ रहे हैं कि आपने ऐसा क्यों किया?
योजना की 5 बार ली गई मंजूरी- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने पत्र में लिखा है कि पिछले 75 साल से इस देश में गरीब जनता राशन माफिया का शिकार होती आई है, किसी सरकार ने इस माफिया गैंग को खत्म करने की कोशिश नहीं की, लेकिन जब हमने ये प्रयास किया तो हमें काम करने से रोक दिया गया। दिल्ली में ये योजना अगले हफ्ते से लागू होनी थी, लेकिन इस स्कीम को ये कहते हुए खारिज कर दिया गया कि केंद्र से इसका अप्रूवल नहीं लिया गया, जबकि सच्चाई तो ये है कि हमने 1 बार नहीं बल्की 5 बार इस योजना को लेकर मंजूरी ली है।
क्या है पूरा मामला?
- आपको बता दें कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार की 'घर-घर राशन योजना' की तैयारी अभी से नहीं बल्कि पिछले तीन साल से चल रही थी। सरकार के मुताबिक, ये योजना अगले हफ्ते लागू होनी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी। इस योजना का पहले नाम 'मुख्यमंत्री घर घर राशन' योजना रखा गया था। इस पर केंद्र ने आपत्ति जताई तो दिल्ली सरकार ने इसका नाम 'घर-घर राशन योजना' कर दिया गया, लेकिन अब एक बार फिर केंद्र ने इस योजना पर रोक लगा दी।
- केंद्र सरकार को शुरुआत से ही इस योजना को लेकर दो आपत्ति थीं। एक तो ये कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 के तहत प्रदान किए जा रहे राशन का उपयोग किसी राज्य-विशिष्ट योजना को चलाने के लिए नहीं कर सकती।और दूसरा दिल्ली सरकार द्वारा एनएफएसए खाद्यान्न के वितरण के लिए नए नामकरण या योजना के नाम के उपयोग की अनुमति नहीं है।












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