प्रदूषण के चलते दिल्ली के अंदर चल रहे सभी निर्माण कार्य रहेंगे बंद- पर्यावरण मंत्री गोपाल राय
वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने तमाम निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। सरकार ने कहा कि 17 नवंबर तक सभी निर्माण स्थलों पर कार्य बंद रहेगा।
नई दिल्ली, 14 नवंबर। ठंडों के दस्तक देते ही दिल्ली की आबोहवा एक बार फिर से प्रदूषित हो चली है। दिल्लीवासियों का सांस लेना दूभर हो गया है। दिल्ली सरकार के लाख प्रयासों के बाद भी दिल्ली की हवा स्वच्छ नहीं हो पा रही है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने सभी निर्माण कार्यों को बंद करने का फैसला किया है। दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का भी निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में जब दिल्ली सरकार से पूछा गया कि क्या सेंट्रल विस्टा का निर्माण कार्य भी बंद रहेगा? इस पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर जितने भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, वह सब बंद रहेंगे। छोटे-बड़े निर्माण कार्य, केंद्र और दिल्ली सरकार या फिर निजी और MCD के कार्य, सभी तरह के निर्माण कार्य बंद रहेंगे।

गोपाल राय ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के चलते सरकार ने सारे स्कूल और ट्रेनिंग सेंटर को बंद करने का निर्णय लिया था। इनमें केवल उन जगहों को छूट होगी जहां पहले से परीक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण स्थलों पर 17 नवंबर तक कार्य बंद रहेगा और उसके बाद सरकार स्थिति को देखते हुए निर्णय लेगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली की खराब होती आबोहवा को दुरुस्त करने के लिए केंद्र से इमरजेंसी प्लान मांगने के कुछ मिनट बाद सीएम केजरीवाल ने प्रदूषण पर चर्चा के लिए तत्काल बैठक बुलाई थी।
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दिल्ली में एक हफ्ते तक बंद रहेंगे स्कूल
वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक हफ्ते के लिए सभी स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही केजरीवाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है और 14 नवंबर से 17 नवंबर तक सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्कूल इस दौरान ऑनलाइन क्लास संचालित कर सकते हैं। बता दें दि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल को आपात बैठक बुलानी पड़ी।
दिल्ली में प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्य भी जिम्मेदार
दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए अकेले दिल्ली को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, इसके लिए पड़ोसी राज्य भी जिम्मेदार हैं। हाल ही में धान की पराली से होने वाले धुएं से भी दिल्ली की हवा जहरीली हुई है। सरकार के तमाम जागरूकता अभियानों के बाद भी किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं, जो वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है।












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