AI Summit शर्टलेस प्रदर्शन का ‘मास्टरमाइंड’ उदय भानु चिब 4 दिन की पुलिस कस्टडी में, मोबाइल फोन जब्त
AI Summit Protest 2026 (Uday Bhanu Chib): भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन ने अब गंभीर कानूनी रूप ले लिया है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आदेश देते हुए जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को सौंप दी। इसी कड़ी में इंडियन यूथ कांग्रेस (Indian Youth Congress) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब (Uday Bhanu Chib) को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
उदय भानु चिब के दो मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। जांच एजेंसियां अब इन डिवाइस की जांच कर संभावित बातचीत और समन्वय के सुराग तलाशेंगी। इस मामले में पुलिस अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा गिरफ्तारी जितेंद्र यादव की हुई, जिसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में अलग अलग राज्यों से लोग शामिल हुए थे, इसलिए जांच को व्यापक दायरे में ले जाया जा रहा है।

भानु चिब के वकील ने क्या दलील दी?
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब के वकील रूपेश सिंह भदौरिया ने कहा कि जिस तरह से इस मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है और जिस प्रकार झूठ का जाल बुना जा रहा है, वह साफ तौर पर दुर्भावना से प्रेरित लगता है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी मर्जी से कार्रवाई कर रही है, लेकिन सच सामने आएगा।
भदौरिया ने सवाल उठाया कि क्या कोई ठोस सबूत है। क्या कोई ऐसा वीडियो है जिसमें किसी ने किसी सरकारी अधिकारी पर हमला किया हो, कोई आपराधिक कृत्य किया हो या नफरत फैलाने वाला भाषण दिया हो। उन्होंने कहा कि ग्वालियर, झांसी, ललितपुर और रायबरेली से गिरफ्तारियां की गई हैं, जबकि पुलिस के पास सारी जानकारी पहले से मौजूद है।
उनका आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई महज उत्पीड़न है और राजनीतिक निशाना साधने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज उठाने वालों को संदेश देने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि भविष्य में कोई विरोध करने से पहले डर जाए।
AI Summit शर्टलेस विरोध: क्या था पूरा मामला
20 फरवरी को एआई समिट के दौरान कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता भारत मंडपम के प्रदर्शनी हॉल में पहुंच गए और शर्टलेस होकर विरोध जताया। उन्होंने टी शर्ट पर नारे लिखकर भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार की आलोचना की। उस समय कार्यक्रम में दुनिया भर से आए प्रतिनिधि मौजूद थे। सुरक्षा कर्मियों ने बाद में प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।
पुलिस और IYC की दलील
पुलिस का आरोप है कि इस घटना से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि प्रभावित करने की कोशिश हुई। वहीं IYC ने अपने बचाव में कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देश विरोधी नहीं कहा जा सकता। अब क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल पूरे नेटवर्क और साजिश के पहलुओं की जांच करेगी। आने वाले दिनों में और पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियां हो सकती हैं।












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