2023 में तीन प्रमुख सफलताओं के साथ कदम रखेगी AAP, दिल्ली मॉडल है वजह
साल 2022 आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी सफलताओं वाला वर्ष साबित हुआ। दिल्ली में डबल इंजन की सरकार के साथ अब पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराएगी।

भ्रष्टाचार विरोधी छवि से उपजे एक क्षेत्रीय दल ने 10 वर्षों में जो विकास किया है, वो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रहा है। साल 2022 को आम आदमी पार्टी (AAM Aadami Party) के लिए अगर उपलब्धियों वाला माना जाए तो गलत नहीं होगा। गुजरात चुनाव में बड़ी सफलता ना सही लेकिन पार्टी ने राष्ट्रीय दल का बनने की योग्यता हासिल कर ली। वहीं दिल्ली नगर निगम की सत्ता में 15 सालों बाद आम आदमी पार्टी ने बड़ा उलटफेर करके साबित कर दिया कि सत्ता पर किसी दल को तभी तक बने रहने का अधिकार है जब तक उसके पास विकास का बेहतर विकल्प है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जैसे राज्य में डबल इंजन की सरकार लाना आम आदमी पार्टी के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।
आम आदमी पार्टी के लिए साल 2022 दो बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। इस साल दो राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी आम आदमी पार्टी ने अपना हाथ अजमाया। हालांकि गुजरात और हिमाचल राज्यों में कोई बड़ी सफलता तो नहीं मिली। लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने राष्ट्रीय दल बनने का गौरव हासिल किया। आदमी पार्टी ने पिछले 10 वर्षों में शुरुआत से सफलता हासिल करनी शुरू कर दी। आप पिछले कुछ दशकों के बीच देश की पहली ऐसी पार्टी थी जिसने अपने दल के गठन के एक वर्ष के भीतर किसी राज्य की सत्ता पर काबिज हुई थी। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार का ये दूसरा कार्यकाल है।
दिल्ली के विकास कार्यों को आम आदमी पार्टी ने अन्य राज्यों में भी प्रसारित किया। परिणाय ये हुआ कि देश के अन्य राज्यों में पार्टी का जनाधार बढ़ा। दल की विचारधारा के कई लोग जुड़े और आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय दल का दर्जा मिल गया। सिर्फ दिल्ली एमसीडी ही नहीं इसी साल आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव में दोनों राष्ट्रीय दलों कांग्रेस और भाजपा को करारी टक्कर दी। पंजाब में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की पार्टी 'आप' का जादू ऐसा चला की कांग्रेस की सरकार वहां से भी चली गई। अकाली दल को भी कड़ी टक्कर मिली।
आम आदमी पार्टी के 10 साल के इतिहास में ये पहला मौका था जब दिल्ली के अलावा दल ने दूसरे किसी राज्य बेहतर प्रदर्शन किया हो। इस सफलता के बाद दूसरी बड़ी सफलता दिल्ली एमसीडी की हासिल हुई। जहां पार्टी ने भाजपा 15 सालों बाद नगर निगम की सत्ता दूसर करने के करीब ला दिया। हालांकि अभी वहां मेयर का चुनाव होना बाकी है। लेकिन सीटों का इतना है कि एमसीडी की सत्ता स्पष्ट 'आप' के हाथों में आती दिख रही है। पार्टी ने शैली ओबेरॉय का मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। दिल्ली एमसीडी चुनाव परिणाम से एक बात साफ हो गई की आप सरकार के 8 साल का कार्यकाल भाजपा पर भारी पड़ गया। हालांकि भाजपा ने अपना वोट शेयर बरकरा रखा और उसे 104 सीटें हासिल हुईं। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी ने 134 सीटें हासिल कीं।
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दिल्ली में बड़ी सफलता के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बनता है। दिल्ली एमसीडी के बाद अब यूपी निकाय चुनाव की तैयारी है। पार्टी ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। सांसद व आप नेता संजय सिंह लगातार उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक ठांचे की मजबूती का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा है आप के सत्ता में आते ही शहरी निकायों की सूरत बदने और नगर निगमों में भ्रष्टाचार मिटाने लिए आम आदमी पार्टी कार्य करेगी। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने भी कहा कि 'आप' अब दिल्ली तक ही सीमित नहीं रही। पार्टी का जनाधार अन्य राज्यों में भी तेजी से बढ़ रहा है।
आम आदमी पार्टी को साल 2022 में तीन बड़ी सफलताओं ये साबित करती हैं कि ये वर्ष 'आप' के लिए उपलब्धियां भरा रहा। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता की जब भी आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली या फिर अन्य राज्यों के चुनावी अभियान पर रहे तो उन्होंने दिल्ली सरकार के विकास मॉडल का जिक्र ना किया हो। और किया भी क्यों ना जाए दिल्ली की जनता ने ही आम आदमी पार्टी को कार्य करने का मौका दिया। ऐसे में ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा आप की साल 2022 की उपलब्धियों का कारण विकास का दिल्ली मॉडल ही रहा होगा।












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