दिल्ली सेवा विधेयक पर आप सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, कहा - अध्यादेश से भी अधिक खतरनाक...
आप सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली सेवा विधेयक को खतरनाक बताया है।
दिल्ली सेवा विधेयक आज यानी मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल को लेकर आम आदमी पार्टी पहले से विरोध कर रही हैं। इसी को लेकर आप सांसद राघव चड्ढा ने इसे दिल्ली के लिए काफी खतरनाक बताया है।
मानसून सत्र फिर से शुरू होने से पहले मंगलवार को आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि ये विधेयक लोकतंत्र को बाबूशाही में बदल देगा। अगर ये विधेयक कानून बन जाता है तो उपराज्यपाल, कुळ सिविल सेवकों के साथ मिलकर दिल्ली चलाएंगे। सारी शक्तियां खत्म हो जाएंगी।

आप सांसद चड्ढा ने कहा कि ये विधेयक दिल्ली सरकार से छीन लिया गया और एलजी में निहित कर दिया गया, जो कि बीजेपी के ही नियुक्त हैं। ये विधेयक उस अध्यादेश से भी खतरनाक है, जिसे पहले केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था।
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आप सांसद ने आगे दावा किया कि अगर ये विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया तो दिल्ली सरकार के अधिकारी मंत्रियों से अधिक शक्तिशाली हो जाएंगे। अब अधिकारी कैबिनेट मंत्रियों के फैसलों को लागू नहीं करने का फैसला कर सकते हैं। मंत्रिपरिषद के फैसले का ऑडिट होगा। बोर्ड में सभी नियुक्तियां एलजी द्वारा की जाएंगी। वे हमारी सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं इसलिए उन्होंने इसका सहारा लिया है।
केंद्रीय गृहमंत्री राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम 1991 में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पेश करने की अनुमति मांगेंगे, साथ ही विधेयक का मसौदा सदन के विचार के लिए पेश करेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री (गृह) नित्यानंद राय राजधानी दिल्ल अध्यादेश 2023 की घोषणा के तत्काल कानून के कारणों को दर्शाने वाला एक हिंदी और अंग्रेजी संस्करण भी पेश करेंगे।
केंद्र ने अपने विधेयक में बताया कि ग्रुप ए अधिकारियों के स्थानांतरण और पोस्टिंग के लिए एक प्राधिकरण बनाने का अध्यादेश, जिसे आप सरकार ने सेवाओं के नियंत्रण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बताया है। शीर्ष अदालत के 11 मई के फैसले से पहले दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग उपराज्यपाल के हाथ में थी।












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