सारी रकम और जेवर लूटकर लुटेरों ने महिला को थमा दिया 100 का नोट
दिल्ली में लूट के लिए घर में घुसे लुटेरों ने बुजुर्ग औरत से पहले कैश और जेवर लूटे फिर नोटबंदी की वजह से हो रही परेशानी जानकर उसकी मदद भी कर दी।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद लेन-देन के तौर-तरीके तो बदल ही रहे हैं, लगता है चोरों के अंदाज और चोरी करने के तरीके भी बदल गए हैं। दिल्ली में हुई एक घटना से तो यही लगता है कि लुटेरे भी नोटबंदी की परेशानी के खखूबी समझ रहे हैं।

दक्षिण दिल्ली में रहने वाली 78 साल की बुजुर्ग संतोष चनेन अपने फ्लैट पर गुरूवार को अकेली थीं तभी चार नकाबपोश उनके मकान में घुस आए।
लुटेरों ने चाकू दिखाकर उनका मुंह बंद करने की कोशिश की तो संतोष ने उन्हें बताया कि वो सांस की बीमार हैं, ऐसे में जोर-जबरदस्ती ना करके ये बताएं कि उन्हें क्या चाहिए।
चोरों की मारपीट से बचने के लिए उन्होंने चोरों को घर में रखा हुआ 2 लाख का कैश और जेवर उनको दे दिया। जब चोर जाने लगे तो उन्होंने चोरों से कहा कि वो कम से कम एक 2000 रुपए का नोट छोड़ जाएं, ताकि वो घर की खाने-पीने की चीजें तो खरीद ले।
चोर बोला, हां नोटबंदी की वजह से दिक्कत तो है
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, महिला की बात सुनकर चोरों ने कहा कि आपकी बात एकदम ठीक है, कैश का बहुत दिक्कत है। इसके बाद एक चोर ने अपने पर्स से 100 रुपए का नोट निकाला और महिला को दे दिया।
इस चोर ने 100 का नोट देने के बाद महिला को गले लगा लिया और कहा कि आप हमारी मां की उम्र की हैं, अगर हमने आपको परेशानी दी तो मां को ही परेशान कर दिया।
इसके बाद महिला को खामोश रहने की बात कहते हुए वो वहां से चले गए। इसके बाद बुजुर्ग महिला ने इसी अपार्टमेंट में रहने वाले रहने वाले अपने रिश्तेदारों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को घटन की जानकारी दी गई।
बुजुर्ग महिला ने पुलिस को बताया कि जब वे बाथरूम में थीं तो उन्होंने कुछ शोर सुना। बाहर आईं तो चार लोगों ने उनको घेर लिया जिसके बाद महिला ने उनसे हिंसा ना करने को कहते हुए खुद की कैश और जेवर दे दिए।
सीआर पार्क पुलिस स्टेशन में धारा 392 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि चोरों ने इमारत में दाखिल होने के लिए कटर का इस्तेमाल किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।












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