पुलवामा अटैक: उत्तराखंड के दो वीरों ने दी प्राणों की आहुति, बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

Dehradun news, देहरादून। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को सबसे बड़े फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हुए हैं। इस भयावह हमले में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले में देवभूमि के भी दो वीरों ने प्राणों की आहुति दी है। देशभर में इस हमले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।

उत्तराखंड के दो जवान शहीद

उत्तराखंड के दो जवान शहीद

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोरा के पास गोरीपोरा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए। हालांकि सीआरपीएफ ने अभी 37 जवानों के शहीद होने की आधिकारिक पुष्टि की है। शहीद होने वालों में उत्तराखंड के भी दो जवान शामिल हैं। एक जवान उत्तरकाशी का, जबकि दूसरा उधमसिंह नगर जिले के खटीमा का रहने वाला था।

दो दिन पहले छुट्टी बिताकर जम्मू पहुंचे

दो दिन पहले छुट्टी बिताकर जम्मू पहुंचे

शहीद वीरेंद्र सिंह उधमसिंह नगर जिले के खटीमा के मोहम्मदपुर भुढ़िया गांव के रहने वाले हैं। इनके दो छोटे बच्चे हैं। शहीद वीरेंद्र सिंह के बहनोई रामकिशन ने बताया कि वीरेंद्र के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी 5 साल की, जबकि ढाई साल का बेटा है। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र दो दिन पहले ही 20 दिन की छुट्टी बिताने के बाद जम्मू के लिए रवाना हुआ था।

उत्तरकाशी के रहने वाले मोहन लाल

उत्तरकाशी के रहने वाले मोहन लाल

वहीं, दूसरा शहीद जवान मोहन लाल रतूड़ी उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड के बनकोट का रहने वाला है। बनकोट निवासी जिला पंचायत सदस्य जोगेंद्र रावत ने बताया कि मोहन लाल रतूडी शहीद हुए हैं। वर्तमान में मोहन लाल का परिवार देहरादून डिफेंस कालोनी में रहता है। मोहन लाल सीआरपीएफ की 76 वीं वाहिनी में एएसआइ थे।

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