जलियांवाला बाग स्मारक के नए स्वरूप पर शहीदों के अपमान का आरोप

नई दिल्ली, 31 अगस्त। जलियांवाला बाग स्मारक के नए स्वरूप का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त को किया था. राजनीतिक दलों के नेताओं और कई इतिहासकारों ने स्मारक के नए स्वरूप पर ऐतराज जताया है.

Provided by Deutsche Welle

Recommended Video

      Jallianwala Bagh Renovation: Historians ने की आलोचना, कहा- इतिहास से छेड़छाड़ | वनइंडिया हिंदी

      अमृतसर के इस ऐतिहासिक स्थल पर कई बदलाव लाए गए हैं. मुख्य स्मारक की मरम्मत की गई है, शहीदी कुएं का जीर्णोद्धार किया गया है, नए चित्र और मूर्तियां लगाई गई हैं और ऑडियो-विजुअल और थ्रीडी तकनीक के जरिए नई गैलरियां बनाई गई हैं.

      पुराना स्वरूप गायब

      इसके अलावा लिली के फूलों का एक तालाब बनाया गया है और एक लाइट एंड साउंड शो भी शुरू किया गया है. आपत्ति मुख्य रूप से लाइट एंड साउंड शो और बाग तक ले जाने वाले ऐतिहासिक संकरे रास्ते में किए गए परिवर्तन को लेकर व्यक्त की जा रही है.

      कैंटरबरी के आर्चबिशप जस्टिन वेल्बी सितंबर 2019 में जलियांवाला बाग स्मारक पर नमन करते हुए

      पहले, इस संकरे रास्ते के दोनों सिर्फ साधारण और कोरी दीवारें थीं. अब इन दीवारों पर टेक्सचर पेंट लगा दिया गया है और इन पर लोगों की आकृतियां उकेर दी गई हैं. इन आकृतियों को हंसते, मुस्कुराते हुए चेहरे भी दिए गए हैं.

      डेनिश-ब्रिटिश इतिहासकार किम वैग्नर का कहना है कि बाग तक जाने वाले रास्ते का स्वरूप इस कदर बदल दिया गया है कि अब वो बिलकुल भी वैसा नहीं दिखता जैसा वो 13 अप्रैल 1919 की उस शाम को था जब अंगेर्ज जनरल दायर ने वहां इकठ्ठा हुए निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवा दीं थी.

      Notifications
      Settings
      Clear Notifications
      Notifications
      Use the toggle to switch on notifications
      • Block for 8 hours
      • Block for 12 hours
      • Block for 24 hours
      • Don't block
      Gender
      Select your Gender
      • Male
      • Female
      • Others
      Age
      Select your Age Range
      • Under 18
      • 18 to 25
      • 26 to 35
      • 36 to 45
      • 45 to 55
      • 55+