Chitrakoot में 15 पाकिस्तानी हिन्दुओं को देख प्रशासन के उड़े होश, मामला जान दंग रह गई पुलिस
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में पाकिस्तान से आए दो हिन्दू परिवारों के 15 लोगों की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी को हाउस अरेस्ट किया गया है। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट(LIU) के CO पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ में पता चला है कि ये सभी कराची में रहते थे और 6 महीने पहले अटारी बॉर्डर होते हुए भारत आए थे।
6 महीने से दिल्ली में रह रहे थे सभी
दरअसल, चित्रकूट जनपद के शिवरामपुर चौकी क्षेत्र के संग्रामपुर निवासी एक समाजसेवी द्वारा बताया गया कि उन्होंने पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों का वीडियो देखा था। उन्होंने बताया कि ये लोग दिल्ली के एक इलाके में काफी ख़राब हालत में रह रहे थे। जो उनसे देखा नहीं गया। इसलिए वो इन्हे चित्रकूट ले आए। उनका कहना है कि यहां लाकर उन्होंने इन सभी को खाना-पानी दिया, रहने को जगह दी और रोजगार दिया है।

"मदद की है, कोई गलत काम नहीं किया"
समाजसेवी द्वारा ये भी बताया गया कि "मैंने इन सभी के कागज देखें हैं। ये लोग चोरी छुपे पाकिस्तान से नहीं आए हैं। बल्कि वीजा लेकर पाकिस्तान के कराची से अटारी बॉर्डर होते हुए अमृतसर पहुंचे और फिर दिल्ली। इनका वीजा खत्म हो गया है। इन सभी ने सरकार से यहां भारत की नागरिकता देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि ऐसे दिल्ली में हजारों हिन्दू परिवार हैं। मैंने तो बस 15 की मदद की है। कोई गलत काम नहीं किया है।"

कराची के रहने वाले हैं ये हिन्दू परिवार
आपको बता दें कि पाकिस्तान के कराची जिले के खैरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरपुर गांव के रहने वाले हैं। इन हिंदू परिवारों में 4 बच्चियों समेत 7 महिलाएं और 3 साल के एक बच्चे समेत 8 पुरुष शामिल हैं। पूछताछ में इन्होने बताया कि ये लोग 6 महीने पहले ट्रेन से पाकिस्तान के कराची से अटारी बॉर्डर होते हुए अमृतसर पहुंचे, फिर वहां से दिल्ली आ गए थे।

पाकिस्तान में हालात ख़राब, इसलिए किया पलायन
पूछताछ में इन हिंदू परिवारों ने कहा कि ''पाकिस्तान के हालात बदतर हैं। वहां महंगाई चरम सीमा पर है। हिंदुओं के साथ हर रोज अत्याचार किया जा रहा है। आम जरूरतें पूरी करना और वहां रहना मुश्किल है। इसलिए हमने यहां शरण ली है। हमें यहां बसने की इजाजत दी जाए।'' इन्होने ये भी बताया कि "हम में से 7 लोग पहले आए थे, कुछ दिन के बाद 8 लोग आए। जो लोग पहले आए थे उनका वीजा खत्म हो गया है।" वहीं इनका कहना है कि 'हम गलत तरीके से नहीं रहना चाहते। हमारी भारत सरकार से मांग है कि हमें भारतीय नागरिकता दी जाए।'












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