Pandhurna District: MP का 54वां जिला पांढुर्ना बनने से किसको होगा फायदा, सरकार ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन
Pandhurna District News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक दिन पहले छिंदवाड़ा दौरे के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा था कि छिंदवाड़ा जिले की तहसील पांढुर्ना को जिला बनाया जाएगा। सीएम शिवराज की घोषणा के बाद पांढुर्णा को मध्य प्रदेश का 54वां जिला बनाने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। वैसे तो उज्जैन जिले की नागदा तहसील को जिला बनाने के लिए तैयारी चल रही थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते यह काम रुक गया। लेकिन अब छिंदवाड़ा की तहसील पांढुर्ना को जिला बनाया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने आदेश जारी करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है।
30 दिन में भेजे जाएंगे दावे आपत्ति
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के 24 घंटे के अंदर जिला बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अधिकारी अफसर इस कार्य में तेजी से जुट गए हैं। विभाग अधिकारियों को कहा गया है कि 30 दिन के अंदर दावे आपत्तियों की जानकारी सरकार को भेजना है। इसके साथ ही सरकार की तरफ से गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

पांढुर्ना का परिचय
मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान द्वारा छिंदवाड़ा से अलग होकर एक नया जिला पांढुर्ना बनाए जाने की घोषणा की गई। इसके बाद पांढुर्णा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। जानकार इस क्षेत्र में आर्थिक, भौगोलिक और राजनीतिक स्थितियों के बारे में जानकारी देते हुए बताते हैं कि पांढुर्णा जिला सौसर, पांढुर्ना और नन्दीवाड़ी को मिलाकर मध्य प्रदेश का 54वां नया जिला बनाया जाएगा। जनसंख्या की दृष्टि से क्षेत्र में आदिवासियों की संख्या ज्यादा है। यहां की आधी आबादी आदिवासियों की है अगर जनसंख्या की बात करें तो पांढुर्ना की जनसंख्या 3 लाख 10 हजार 472 बताई जाती है। लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए 90 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।
कृषि के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र
पांढुर्ना में ज्यादातर लोग खेती किसानी का काम करते हैं और यह क्षेत्र कृषि के लिए जाना जाता है। जानकारी के अनुसार यहां की जमीन में दलहन-तिलहन के साथ ही हरी सब्जियों का भरपूर उत्पादन किया जाता है। संतरा उत्पादन क्षेत्र में पांढुर्ना का प्रमुख स्थान है। इसके अलावा यहां पर सोयाबीन, कपास, अरहर, मूंगफली, मूंग, ज्वार, चना, गेहूं, मक्का, उड़द का भरपूर उत्पादन किया जाता है वही हरी सब्जी उत्पादन के मामले में यह क्षेत्र अन्य स्थानों की तुलना में बहुत आगे है। वही हरी सब्जी उत्पादन के मामले में पांढुर्ना अन्य स्थानों की तुलना में बहुत आगे है। स्थानी जानकार बताते हैं कि यहां पर लौकी कद्दू बरबटी और अन्य हरी सब्जियों का भरपूर उत्पादन किया जाता है। इसके अलावा शहर के आसपास आय मिल और धागा मिल संचालित है।
नया जिला बनने से किसको होगा फायदा
अगर पांढुर्ना मध्य प्रदेश का 54 व जिला बनता है तो राजनीतिक दृष्टि से छिंदवाड़ा जिले में कई परिवर्तन होंगे। जिसका फायदा भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मिल सकता है। स्वभाविक है, जब नया जिला बनता है तो राजनीतिक परिवर्तन होते हैं। वहीं कांग्रेस की बात करें तो 1980 से छिंदवाड़ा में कांग्रेस की जबरदस्त पैठ है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पूरे प्रदेश में छिंदवाड़ा मॉडल को पेश करते हैं और यह उनके गृह जिला भी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर पांढुर्णा जिला बनता है तो नाथ के गढ़ पर सेंध लगाने के लिए ये सीएम द्वारा उठाया गया बहुत बड़ा कदम हो सकता है। क्योंकि छिंदवाड़ा जिले से अलग होने पर पांढुर्ना की राजनीतिक स्थितियां भी बदल जाएगी। माना जा रहा है कि पूर्व सीएम कमलनाथ को नई रणनीति के तहत काम करना पड़ेगा।












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