Watch Video: जब पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद खिसकाई टेबल, ठीक किया छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का माइक
PM Narendra Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अलग ही अंदाज के लिए जाने जाते हैं। बुधवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी सादगी ने सभी का दिल जीत लिया। शपथ ग्रहण समारोह दौरान पीएम नरेंद्र मोदी अपनी एंट्री के साथ मंच पर कुछ ऐसा कर गए कि हर कोई हैरान सा रह गया।

विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद बुधवार को भाजपा विधायक दल के नेता विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ ही भाजपा विधायक अरुण साव और विजय शर्मा ने भी राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्य की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस शपथ ग्रहण दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह में एक दिलचस्प किस्सा देखने को मिला। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी ने सभी को चौंका दिया।
पीएम मोदी ने राज्यपाल हरिचंदन के सम्मान में किया ऐसा
दरअसल शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए पीएम मोदी ने मंच में प्रवेश किया, तभी वहां पहले से मौजूद छत्तीसगढ़ के राज्यपाल हरिचंदन की कुर्सी के आगे रखी टेबल थोड़ी दूर खिसक आई थी। प्रधानमंत्री मोदी भी उनके पास में खड़े जनता का अभिवादन कर रहे थे। पीएम मोदी को खड़ा देखकर राज्यपाल हरिचंदन भी थोड़े असहज नजर आ रहे थे, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर राज्यपाल हरिचंदन की तरफ घूमी। स्थिति को भांपकर पीएम मोदी ने बेहद ही सादगी से राज्यपाल का सम्मान करते हुए सामने रखी टेबल को खींचकर राज्यपाल की कुर्सी के करीब पहुंचा दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी से कहे,खुद ही राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन की टेबल खिसकाई। इतना ही नहीं, उन्होंने राज्यपाल का माइक भी ठीक किया। टेबल खिसकाते देखकर निकट में खड़े बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी तत्काल वहां पहुंच गए, फिर उन्होंने भी इस काम में मदद की। राज्यपाल का का पद संवैधानिक होता है। पीएम मोदी का उनके प्रति बड़ी सादगी से सम्मान बरतने से मंच पर बैठे सभी अतिथि चौक से गए। प्रधानमंत्री की इस सादगी को देखकर कार्यक्रम में मौजूद लोग मोदी-मोदी का नारा लगाने लगे। बहरहाल पूरा कार्यक्रम ही बड़ी सादगी के संपन्न हुआ, अमूमन ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में काफी खर्च किया जाता है।
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