Vaishali Nagar विधानसभा बनी प्रतिष्ठा का विषय, कांग्रेस-भाजपा के इन नेताओं को टिकट की आस

छत्तीसगढ़ में दीपावली के बाद ठंड बढ़ने लगी है। लोग गर्म कपड़ों की खरीदी कर रहे हैं। लेकिन इस बीच छत्तीसगढ़ में राजनीतिक पारा भी बढ़ने लगा है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 6 विधानसभा सीटों में वैशाली नगर विधानसभा सीट सबकी निगाहों में टिका हुआ है। इस विधानसभा सीट के लिए दावेदारों ने अपनी जमीनी स्तर पर तैयारियाँ शुरू कर दी है। यहां वर्तमान में भाजपा का कब्जा हैं।

मिशन 2023 में जुटे संगठन के वरिष्ठ नेता

मिशन 2023 में जुटे संगठन के वरिष्ठ नेता

छत्तीसगढ़ में साल 2023 के अंतिम में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसके चलते मिशन 2023 की तैयारी में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेता अब मैदान में उतर चुके हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और क्षेत्रीय संगठन प्रभारी अजय जामवाल जहां विधानसभा वार बैठकें लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं को संगठन और अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं। तो वही कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया भी संभाग वार बैठके लेकर अपने विधायकों, कार्यकर्ताओ, बूथ प्रभारियों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। सत्ता में होने के नाते कॉन्ग्रेस अब फिर से सत्ता में वापसी करना चाहेगी।

भिलाई नगर निगम के लगभग 37 वार्ड इस विधानसभा में

भिलाई नगर निगम के लगभग 37 वार्ड इस विधानसभा में

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद साल 2008 भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र से विभाजीत कर वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र का निर्माण किया गया था। इस विधानसभा क्षेत्र में भिलाई नगर निगम के लगभग 37 वार्ड भी आते हैं। जिनमें सुपेला, हाउसिंग बोर्ड कोहका, कैलाश नगर और कुरूद, नेहरू नगर, जुनवानी, जैसे क्षेत्र आते हैं। यहां अब तक तीन विधानसभा चुनाव व एक बार उपचुनाव हुए हैं। इस क्षेत्र के फरीद नगर में मुस्लिम वोटरों की संख्या भी अच्छी खासी है। व्यापारियों और संघ के पुराने कार्यकर्ताओ की क्षेत्र में अधिकता होने के कारण तीन बार भाजपा ने अपना कब्जा जमाया है।

उपचुनाव में कांग्रेस को मिली थी जीत, तीन बार भाजपा ने किया कब्जा

उपचुनाव में कांग्रेस को मिली थी जीत, तीन बार भाजपा ने किया कब्जा

वैशाली नगर विधान सभा बनने के बाद साल 2008 में पहला चुनाव हुआ जिसमें भाजपा से वर्तमान राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने कांग्रेस के बृजमोहन सिंह को हराकर विधायक बनी। इसके 6 महीने बाद ही सरोज पांडेय ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर लोकसभा चुनाव लड़कर जीत हासिल की। इसके बाद साल 2009 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व साडा अध्यक्ष रहे भजनसिंग निरंकारी भाजपा के जागेश्वर साहू को हराकर विधायक बने। साल 2013 और 2018 के चुनाव में वर्तमान विधायक विद्यारतन भसीन ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के भजन सिंह निरंकारी और भिलाई के पूर्व विधायक बदरुद्दीन कुरैशी को हराकर कांग्रेस की लहर के बाद भी भाजपा के गढ़ को बचाए रखा।

वैशाली नगर के लिए कांग्रेस के दावेदारों संख्या कम

वैशाली नगर के लिए कांग्रेस के दावेदारों संख्या कम

वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में कांग्रेस से अगर दावेदारी की बात की जाए, तो भिलाई जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व जिलाध्यक्ष तुलसी साहू, भिलाई निगम की नवनिर्वाचित पार्षद और निगम की एमआईसी मेम्बर रीता सिंह गेरा क्षेत्र में सक्रिय है। फिलहाल भिलाई जिलाध्यक्ष की कमान संभाल रहे मुकेश चन्द्राकर सीएम के करीबी व नए चेहरे होने के चलते इनकी प्रबल दावेदारी मानी जा रही है। पिछली बार कांग्रेस को वैशाली नगर विधानसभा सीट के प्रत्याशी चयन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। नांमाकन के अंतिम समय में यहां के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा की गई थी।

भाजपा के गढ़ को तोड़ने इस रणनीति पर हो रहा काम

भाजपा के गढ़ को तोड़ने इस रणनीति पर हो रहा काम

लेकिन 15 साल बाद सत्ता में बैठी कांग्रेस इस बार भारतीय जनता पार्टी के गढ़ को तोड़ने का पूरा प्रयास करेगी। क्योंकि वर्तमान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का स्थानीय निवासी विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है। इसके अलावा नगर निगम भिलाई में भी कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार कब्जा जमाया है। यही नहीं दुर्ग संभाग के 20 विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह और वैशाली नगर विधायक विद्यारतन भसीन ही अपनी सीट बचाने में सफल रहे। इसलिए कांग्रेस के लिए यह प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। कांग्रेस के नेता RSS और भाजपा के गढ़ को तोड़ने के लिए भाजपा के असंतुष्ठ नेताओ को अपने पाले में करने की कोशिश में लगे हैं।

भाजपा में दावेदारों की लंबी कतार, जानिए कौन कितना सक्रिय

भाजपा में दावेदारों की लंबी कतार, जानिए कौन कितना सक्रिय

भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार वैशाली नगर के विधायक विद्यारतन भसीन उम्रदराज होने के चलते इस बार अपनी दावेदारी पेश करने से बच सकते है। जिसके चलते अब बाकी नेताओं के मन में क्षेत्र से दावेदारी की उम्मीद जागी है। वहीं भाजपा में सांसद सरोज पांडेय के भाई और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राकेश पांडेय को पिछली बार टिकट मिलते मिलते रह गया था। इसलिए इस बार भी वे प्रबल दावेदार माने जा रहें हैं। पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामउपकार तिवारी संगठन का अनुभव रखते है। भिलाई निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चार बार के पार्षद रिकेश सेन भी विधायक बनने के लिए क्षेत्र में हैं। वर्तमान भिलाई भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश बिचपुरिया फिलहाल संगठक की भूमिका में नजर आ रहें हैं। वहीं दूसरी ओर चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री के रूप में व्यापारियों के बीच में सक्रिय अजय भसीन युवा चेहरे के रूप में उभर कर सामने आए है। इसके अलावा भाजपा के संगठन से कई दावेदार हैं।

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