कांग्रेस के चिंतन शिविर में भूपेश के छत्तीसगढ़ मॉडल के भविष्य पर होगी चर्चा ।
रायपुर, 12 मई। देश के कई राज्यों से सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस राजस्थान में पार्टी के भविष्य की योजनाओं पर चिंतन करने जा रही है। खास बात यह होगी कि 13 मई को होने वाले इस चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार के सफल फार्मूले पर भी चर्चा होगी। कांग्रेस नेतृत्व यह जानने का प्रयास करेगा कि पूरे देश में कांग्रेस की रणनीति असफल होने के असर छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं है। छत्तीसगढ़ के संबंध में इस बात पर भी चर्चा संभव है कि असम और उत्तर प्रदेश में भूपेश बघेल को चुनावी कमान देने के बाद भी वह छत्तीसगढ़ मॉडल का लाभ चुनाव में क्यों नहीं दिला सके।

6 बिन्दुओं पर होगा ग्रुप डिस्कशन
गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बघेल राहुल गांधी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ ट्रेन से उदयपुर के लिए रवाना होंगे। बताया जा रहा है कि भूपेश बघेल शुक्रवार सुबह 7 बजे के आसपास उदयपुर पहुंचकर कांग्रेस के चिंतन शिविर में हिस्सा लेंगे। रायपुर से दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी जी और पूरे एआईसीसी के सदस्य दिल्ली से ट्रेन में बैठकर चिंतन शिविर के लिए राजस्थान जाएंगे। उदयपुर में होने वाले चिंतन शिविर में छह विषयों पर चर्चा होनी है, जिसमें सामाजिक न्याय, राजनीति, अर्थव्यवस्था, कृषि नीति, युवा और संगठन विषय शामिल हैं। पार्टी नेता इन सभी विषयों पर ग्रुप डिस्कशन करेंगे। कांग्रेस का चिंतन चर्चा तीन दिनों तक चलेगा।

छत्तीसगढ़ मॉडल के भविष्य पर चर्चा
सीएम भूपेश ने बताया कि कांग्रेस शासित राज्यों में गवर्नेंस के अपने मॉडल हैं। हमारा राज्य छत्तीसगढ़ भी उसमे शामिल है, लिहाजा वहां छत्तीसगढ़ मॉडल, और केरल मॉडल पर भी चर्चा होगी। सीएम भूपेश ने आगे कहा कि क्योंकि अगले साल छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव है और उसके बाद लोकसभा चुनाव भी होने हैं, इसलिए चुनावों की तैयारियों को लेकर भी चर्चायें होंगी ।
उदयपुर के ताज अरावली में आयोजित होने वाला यह शिविर 15 मई तक चलेगा जिसमें, देश भर के 400 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। सीएम भूपेश ने बताया कि कांग्रेस में परिवारवाद को कमजोर करने के लिए पार्टी एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट देने संबंधी फार्मुले पर भी चर्चा करेगी। बीते दिनों बार-बार छत्तीसगढ़ मॉडल का प्रचार करने के बाद भी कांग्रेस को उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों के चुनावों में फायदा नहीं मिल सका है, इसलिए चर्चा यह भी है कि कांग्रेस अपने चिंतन शिविर में इस बात पर भी चिंता करेगी कि आखिर छत्तीसगढ़ का सफल मॉडल अन्य राज्यों में क्यों छाप नहीं छोड़ रहा है।

बघेल को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस समय गांधी परिवार के सबसे करीबी नेताओं में से एक हैं। सबने देखा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान भूपेश बघेल प्रियंका गांधी के सबसे विश्वसनीय नेता के तौर पर कदम कदम पर उनके साथ चलते हुए दिखाई दिए थे। यह कहना अतिश्योक्ति नही होगा कि इस समय भूपेश बघेल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए उपयुक्त माने जाने वाले नेताओं में शामिल हैं। बघेल को कांग्रेस पार्टी संगठन में जल्द ही कोई बड़ा पद दे सकती है, इस बात की चर्चा छत्तीसगढ़ विधानसभा से लेकर सड़कों तक हो रही है।

राहुल, प्रियंका है भूपेश के मुरीद
मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी एक अलग जगह बना ली है और पिछले 3 सालों में गांधी परिवार के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि अगर गांधी परिवार किसी नेता पर आंख मूंदकर विश्वास करता है तो वह भूपेश बघेल ही हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए हर चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने भूपेश बघेल को स्टार प्रचारक के तौर पर मैदान में उतारा, तो वहीं कई राज्यों में चुनावी प्रबंधन करने की जिम्मेदारी भी दी। बघेल के पास असम और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वरिष्ठ पर्यवेक्षक के तौर पर पार्टी को मजबूती देने का अनुभव भी है। भले ही कांग्रेस को चुनावी मैदान में सफलता अर्जित ना हुई हो फिर भी इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान अपनी कार्यशैली से सभी को प्रभावित किया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी बघेल की कार्यशैली की सराहना कर चुके हैं।
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