SUKMA: नींद से जागे तो देखा सैलाब, 80 साल के बुजुर्ग ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
छत्तीसगढ़ के सुकमा में एक 80 साल के बुजुर्ग ने यह बात सच साबित कर दिखाई। दरअसल छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार बारिश की वजह से कई जिलों के नदी-नाले उफान पर हैं।
सुकमा, 09 अगस्त। कहते है कि जीने की इच्छा हो,तो मौत कुछ नहीं बिगड़ सकती है। छत्तीसगढ़ के सुकमा में एक 80 साल के बुजुर्ग ने यह बात सच साबित कर दिखाई। दरअसल छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार बारिश की वजह से कई जिलों के नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बाढ़ में बीच घोर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में अचानक आई बाढ़ में 24 घंटे तक पेड़ पर बैठे 80 साल के बुजुर्ग को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया " जाको राखे साइयां, मार सके न कोय"

उम्र 80 साल रोज जाते हैं खेत ,रात बीती पेड़ पर
बताया जा रहा है कि सुकमा के नरकेंद्रवाड़ा में रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग लखमाराम नाग अपने घर से करीब 1 किलोमीटर दूर नदी के किनारे खेत में अक्सर निगरानी के लिए जाते हैं। रविवार के दिन भी वह निगरानी के लिए खेत गए हुए थे। लेकिन काफी रात हो जाने के कारण वह खेत में ही सो गए। जब बुजुर्ग किसान गहरी नींद में थे,तभी भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई और वह खेत में ही फंस गए।

नींद खुली तो देखा सैलाब ,भूखे प्यासे काट दिए 24 घंटे
गहरी नींद से जागने के बाद बुजुर्ग किसान लखमाराम ने देखा कि उनका खेत बाढ़ के हवाले हो चुका है। उनके चारों तरफ नदी का पानी तेजी से बढ़ता जा रहा है। बाढ़ में फंसने के बाद उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था,तभी उनकी नजर एक पेड़ पर पड़ी,जिसमे वह झट से चढ़ गए। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग ने 24 घंटे तक बिना कुछ खाये पिए 24 घंटे पेड़ में ही बिता दिए।

टार्च ने बचाई जान
लखमाराम ने किसी तरह पेड़ में चढ़कर खुद को बाढ़ में डूबने से बचा तो लिया, लेकिन अब समस्या यह थी कि वह खेत से सुरक्षित बाहर कैसे निकलें। बुजुर्ग अपने पास रखी टार्च की रौशनी से गांव की तरफ संकेत दिया। जिसके बाद अगले दिन राहत बचाव दल ने बुजुर्ग तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू किया । दरअसल छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में भारी बारिश हो रही है।

बस्तर में बाढ़ के हालात
बस्तर संभाग में बिना रुके बारिश हो रही है। बीजापुर, दंतेवाड़ा , सुकमा,और बस्तर जिले में मानसून की शबाब पर है । लगातार हो रही बारिश से कई नदी-नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं । मलकानगिरी मार्ग पर झापरा के करीब और जगदलपुर मार्ग पर पुलिस लाइन के निकट सड़क पर बारिश का पानी इकठ्ठा हो गया है।
कई नदी और नाले उफान पर हैं और सुकमा जिला मुख्यालय का संभाग मुख्यालय और ओडिशा से जमीनी संपर्क टूट गया है। बीजापुर जिले में पोंजेर नाला के पुल पर पानी ऊपर से गुजर रहा था। वहीं मंगलवार तड़के नाला का पानी थोड़ा कम हुआ है। बहाव के कारण पोंजेर नाला पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां बड़े वहानों की आवाजाही पर रोक लग गई है। बस्तर में बाढ़ को लेकर स्थिति इतनी गंभीर है कि कई जिलों में प्रशासन भी अलर्ट है।
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