OPINION: बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटी छत्तीसगढ़ सरकार, बनेगा टूरिज्म कॉरिडोर

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर में पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म कॉरिडोर बनाने पर विचार-विमर्श कर रही है। इसकी पहल खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की है। सीएम साय ने चित्रकोट में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक हिस्सा लिया। साथ ही, इस बैठक में बस्तर के विकास को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई।

बैठक में बस्तर में पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म कॉरिडोर बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही बस्तर अंचल के पर्यटन के लिए चिन्हित स्थानों को विकसित करने के लिए रणनीति तैयार की गई है। बैठक में बस्तर में एनएमडीसी द्वारा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण के संबंध में भी चर्चा की गई। सीए साय ने सौर समाधान और मनो बस्तर एप्प को भी लांच किया।

Chhattisgarh CM Vishnu Dev Sai

साथ ही, सौर ऊर्जा चलित पॉवर बैंक का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बस्तर और सरगुजा के विकास पर अपना ध्यान विशेष रूप से केंद्रित किया है। सीएम साय ने संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धूड़मारास गांव के चयन पर खुशी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि इससे बस्तर को नई पहचान मिली है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के धूड़मारास गांव को जगह मिली है। यह गांव छत्तीसगढ़ के बस्तर में है। सीएम ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। सीएसआर मद में भी काफी राशि उपलब्ध है।

प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। केन्द्र और राज्य दोनों में जनजातीय समुदायों के विकास के लिए संवेदनशील सरकारें हैं। सीएम साय ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादी आतंकवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में राज्य में बेहतर काम हो रहा है। माओवादी आतंकवाद छोटे से क्षेत्र में सिमट कर रह गया है।

हम लोगों ने बस्तर में पूर्ण शांति बहाली करते हुए अंदरूनी क्षेत्रों तक लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का संकल्प लिया है। यह तभी होगा जब शासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा। यह विश्वास विकास से ही निर्मित होगा। कहा कि नियद नेल्लानार जैसी योजना के माध्यम से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रही हैं।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार जैसी योजना के तहत 34 नए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं जहां ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाएं भी दी जा रही हैं। बस्तर में शांति कायम हो, इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें सतत प्रयास कर रही हैं। इतना ही नहीं, सीएम साय ने कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, ऐसे में बस्तर में नई खेल अकादमियों की स्थापना के लिए पहल की जाएगी।

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