मोदी सरकार बनने वाली है, नक्सलवाद को खत्म होना ही है, छत्तीसगढ़ में बोले अमित शाह
Korba: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त होने का वादा किया है। अमित शाह ने बुधवार को कोरबा लोकसभा क्षेत्र में आयोजित चुनावी सभा के दौरान कहा कि जब छत्तीसगढ़ में भूपेश कक्का की सरकार थी, वह नक्सलवाद को बढ़ावा देते रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने चार महीनों में ही 95 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। 350 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं और कई ने आत्मसमर्पण किया है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पाँच साल में झारखंड, ओड़िशा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश से नक्सलवाद को समाप्त किया है और यह मोदी की गारंटी है कि छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर भाजपा की जीत के साथ केंद्र में मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनते ही दो साल में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा कर देंगे।

अमित शाह ने बुधवार को कोरबा लोकसभा क्षेत्र के कटघोरा में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सुरक्षा बलों ने पराक्रम किया। पहले 29 नक्सली और कल 10 और नक्सली मारे गए और यह भूपेश कक्का निर्लजज्ता से इसे फर्जी एनकाउंटर कहते हैं। नक्सलियों ने स्वीकार कर लिया कि हमारा बड़ा नुकसान हुआ है पर कांग्रेस वाले शर्म तक महसूस नहीं करते। चुनाव जीतने के लिए इस देश में आतंकवाद और नक्सलवाद का पोषण कांग्रेस करती रही है,पर अब देशवासियों और विशेषकर छत्तीसगढ़वासियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि छत्तीसगढ़ में आपने कमल फूल की सरकार बनाई है, केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी की कमल फूल की सरकार बनने वाली है तो नक्सलवाद को खत्म होना ही होना है।
अमित शाह ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि आज वह छत्तीसगढ़ भगवान राम के ननिहाल में आए हैं। अयोध्या में राम मंदिर बनने को लेकर कांग्रेस हमारे खिलाफ लड़ती रही है। कांग्रेस ने 71 साल से रामजन्मभूमि के मसले को अटकाने, लटकाने और भटकाने का काम किया। पिछली बार 11 में 9 सीटें देकर छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनाई और इन पाँच साल में केस भी जीता, भूमिपूजन भी कराया, मंदिर भी बनाया, और 22 जनवरी को श्रीरामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्टा भी कर दी।
अमित शाह ने कहा कि हम उन भाग्यशाली लोगों में हैं, जिन्होंने पाँच सौ साल के बाद भगवान रामलला के ललाट पर सूर्यतिलक होते हुए देखा। शाह ने कहा कि कांग्रेस को रामजन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का न्योता दिया गया, परंतु कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों और उनके वोट बैंक के डर से उस न्योते को दुत्कारा। आप तो रामलला के ननिहाल वाले हैं, जब कांग्रेस वाले वोट मांगने आएँ तो पूछना कि किस मुँह से वोट मांगने आए हो? रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार करके कांग्रेस ने भगवान राम के ननिहाल और माँ शबरी की धरती छत्तीसगढ़ का घोर अपमांन किया है।












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