OPINION: छत्तीसगढ़ में बदलाव की नई लहर, माओवादियों के उखड़ने लगे पैर, साय सरकार ने किया शानदार काम
Chhattisgarh Goverment News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में माओवादियों के पैर उखड़ने लगे हैं। बस्तर समेत राज्य के सभी वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय के बीच सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। जनजातीय समाज, किसान, महिलाएं और युवा सभी वर्ग सरकार के सुधारों को महसूस कर रहे हैं। डबल इंजन की सरकार ने तेज़ गति से काम किया, जिससे आम जनता ने उसकी सराहना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माओवादियों के खिलाफ केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिलकर नई रणनीतियाँ बनाई और नक्सलवाद के खिलाफ एक मजबूत मुहिम चलाई। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह लड़ाई और भी प्रभावी हो पाई है। उन्होंने माओवादियों के सुरक्षित पनाहगाहों पर हमला कर, माओवादी कैडर के 260 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। मुख्यमंत्री का कहना है कि अब बस्तर में माओवाद लगभग समाप्ति की ओर है।

नियद नेल्ला नार योजना से बस्तर की तस्वीर बदली
मुख्यमंत्री ने बताया कि आतंकवाद से मुक्ति के बाद बस्तर में विकास की राह भी खुली है। सरकार की नियद नेल्ला नार योजना ने कई क्षेत्रीय बदलाव लाए हैं। स्कूलों में घंटियां गूंजने लगीं, पानी और बिजली की व्यवस्था बेहतर हुई, और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ। आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड के वितरण के साथ बस्तर अब विकास की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। इसके अलावा, बस्तर ओलंपिक जैसे कार्यक्रमों ने क्षेत्र के युवाओं को उत्साहित किया है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के साथ-साथ आत्मसमर्पित नक्सलियों और दिव्यांग जनों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
किसानों के लिए काम करने की नीति
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए सरकार की नीतियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि किसान परिवारों ने वह दौर भी देखा था जब धान की मेहनत से उपजी फसल मंडियों में औने-पौने में बिकती थी। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद से किसानों को उचित मूल्य मिल रहा है। राज्य सरकार ने धान की खरीद व्यवस्था को और बेहतर किया है और 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदी की है। इसके अलावा, किसानों को बोनस भी दिया गया और 13 लाख किसानों के खाते में दो साल का बकाया बोनस भी जमा किया गया।
डबल इंजन सरकार और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी विकास की दिशा में भी कई कदम उठाए हैं। ड्रोन का उपयोग करके कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे काम में तेजी आई है और समय की बचत हो रही है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन के असर से निपटने के लिए ऐसे बीज तैयार किए गए हैं जो मौसम की बदलती स्थिति से निपट सकते हैं। एफपीओ के माध्यम से किसानों के लिए नए उद्यम के रास्ते खोले गए हैं।
संस्कृति को सहेजने का कार्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बैगा, गुनिया, सिरहा जैसे जनजातीय समुदाय के लोगों को हर साल पांच हजार रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की है। इसके अलावा, स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले जनजातीय सेनानियों और शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों में स्थापित करने का निर्णय लिया है। राजिम कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों का पुनर्निर्माण किया गया, जिसमें देश भर से श्रद्धालुओं का आना हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ में न केवल माओवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाए, बल्कि विकास, किसानों के कल्याण और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। राज्य की तस्वीर अब पूरी तरह से बदल चुकी है, और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भी विकास के नए रास्ते खुले हैं। सरकार की योजनाओं और प्रयासों ने आम जनता में एक नई उम्मीद का संचार किया है।












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