मैनपाट महोत्सव में बॉलीवुड कलाकारों की होगी प्रस्तुति, छत्तीसगढ़ और तिब्बती संस्कृति की दिखेगी झलक
छत्तीसगढ़ में मैनपाट महोत्सव की शुरुआत होने जा है रही है। जिला प्रशासन ने महोत्सव की तारीखों की घोषणा कर तैयारी शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मैनपाट महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। इस साल महोत्सव को खास बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव में इस बार यहां भोजपूरी और बॉलीवुड सिंगर और कलाकार अपनी प्रस्तुती देंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के स्थानीय लोक कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। मैनपाट महोत्सव को यादगार बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है। इस बार मेले में कुश्ती प्रतियोगिता के साथ ही पतंबाजी का आयोजन भी किया जाएगा।

14 से 16 फरवरी तक आयोजित होगा महोत्सव
सरगुजा जिला प्रशासन ने इस वर्ष तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव के लिए तारीख की घोषणा कर दी गई है। यह महोत्सव 14, 15 एवं 16 फरवरी को मैनपाट के रोपाखार जलाशय के समीप भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे पहले जिला प्रशासन ने 11, 12, 13 फरवरी को इसकी घोषणा की थी लेकिन 12 फरवरी को पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा होने के कारण महोत्सव की तारीखों में बदलाव किया गया है।

महोत्सव की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन
सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार ने मैनपाट महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिये है। महोत्सव स्थल पर सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल, एवं मंत्रियों बॉलीवुड कलाकारों के आगमन की तैयारियां की जा रही है। इस बार स्थल पर आने वाले पर्यटक और आम नागरिकों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही मेला स्थल पर फूड जोन, दुकानों को व्यवस्थित आबंटन, कार्यक्रम स्थल का समतलीकरण एवं साफ-सफाई के साथ-साथ पब्लिक एरिया में दो अतिरिक्त सामुदायिक शौचालय बनवाया जा रहा है. लाइटिंग, पार्किंग, पेयजल, पब्लिक टॉयलेट, लोगों के ठहरने जैसे सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

मैनपाट पहुंचेंगे बॉलीवुड के कलाकार
तीन दिवसीय आयोजन में बॉलीवुड, भोजपुरी एवं स्थानीय कलाकारों के द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुति के साथ ही आदिवासी जनजाति एवं तिब्बती संस्कृति से पर्यटक रूबरू हो सकेंगे। तीनों दिन समाज प्रमुखों विशेषकर पहाड़ी कोरवा, माझी-मझवार सम्मेलन होगा। मैनपाट महोत्सव में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत 351 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया जाएगा। इसके पहले आयोजन में संगीतकार कैलाश खेर ने प्रस्तुति दी थी। मेला स्थल से आने पर्यटकों की सुविधा अच्छी हो यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

स्थानीय कलाकार और स्कूली बच्चों की होगी प्रस्तुति
पर्यटन को बढ़ावा देने आयोजित इस महोत्सव की शुभारंभ के दौरान छत्तीसगढ़ी संस्कृति को प्रदर्शित करने स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति को महत्व। जिसके बाद तीन दिनों तक स्कूल, कॉलेज के छात्र छात्राओं सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय जैसे संस्थाओं के साथ-साथ आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय के विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी शामिल करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है।

इसलिए कहा जाता है छत्तीसगढ़ का शिमला
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में प्रदेश की सबसे अधिक ठंड पड़ती है। यहां पड़ने वाला पाला बर्फ चादर की तरह श्वेत दिखता है। जिसके कारण इसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। सरगुजा जिले के इस हिल स्टेशन मैनपाट की खूबसूरती के कारण लाखों पर्यटक हर साल यहां आते हैं। यहां दलदली, उल्टापानी, मेहता पॉइंट, टाइगर पॉइंट, सनसेट कई प्राकृतिक स्थल हैं। यहां 50 सालों से तिब्बती निवास कर रहें हैं। इस पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ही शासन द्वारा हर वर्ष मैनपाट महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
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