MAHASAMUND: बगनई नरवा विकास से भूजल स्तर में बढ़ोत्तरी, किसानों को मिला लाभ

CHHATTISGARH: छत्तीसगढ़ शासन की "नरवा, गरूवा, घुरूवा अऊ बाड़ी योजना" के तहत "नरवा विकास" को महासमुंद में क्रियान्वित किया जा रहा है। नरवा विकास के माध्यम से उपचार योग्य 44 नरवा, नालों को फिर स्थापित किया गया है। ज्ञात हो प्राकृतिक रूप से बहने वाले नाले कुदरत की एक अमूल्य धरोहर माने गए है, लेकिन वह विलुप्त होते जा रहे है। छत्तीसगढ़ सरकार अब उन्हें सहेजने का कार्य कर रही है।

NARVA
नालों में जलस्तर की कमी के कारण से वह सूख रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन ने नरवा विकास" के तहत नरवा यानि नाला के जीर्णोद्धार करके कृषकों, वन्यजीवों, साथ ही साथ जलस्तर में वृद्धि करने का संकल्प लिया है।

इसी कड़ी में नरवा विकास के वन परिक्षेत्र बागबाहरा अंतर्गत साल 2020-21 में आमाकोनी परिवृत्त के परिसर चोरभट्ठी के अंतर्गत लंबाई 15.00 किमी के बगनई नाला को उपचारित किया गया है, जिसमें वन क्षेत्र का भू-जल संरक्षण और मृदा संरक्षण का उपचार किया गया। इस नाला के सुधार कार्य में ग्राम चोरभट्ठी के ग्रामीणों को 2748 मानव दिवस के आधार पर 80 ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। सिचाई मिलने से लगभग 10 से 12 किसान लाभान्वित हुए है। अब वही कृषक दोहरी फसल लगा रहे है, जिससे उनकी आय में भी इजाफा हुआ है। "नरवा विकास" वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य में जल की कमी की दिक्क्त को दूर करने में बेहद प्रभावी सिद्ध होगा।

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