IIT Bhilai को मिले 55 करोड़, फाइनेंशियल फ्रॉड से बचने के लिए नई तकनीक होगी तैयार, छात्रों को मिलेगी ट्रेनिंग
IIT भिलाई को फाइनेंशियल टेक्नालॉजी का हब बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए IIT को केंद्र सरकार ने 55 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जो छात्रों के वर्कशॉप और ट्रेनिंग में खर्च किए जाएंगे।

IIT भिलाई को फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी का हब बनाने की तैयारी की जा रही है। अब IIT भिलाई में फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़ी नई तकनीक पर रिसर्च और विकसित करने पर काम किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार ने 55 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। भारत सरकार के निर्देश पर आईआईटी भिलाई के प्रोफेसरों ने इसके लिए काम भी शूरू कर दिया है।

फाइनेंशियल हब के लिए मिले 55 करोड़
भारत सरकार ने IIT भिलाई में बैंकों के बिना भीड़ लगाए, सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन, टैक्स जमा करने एवं बीमा, बीमा क्लेम, फाइनेंस सेक्टर ,लोन आदि के कामों को सरल और सुरक्षित बनाने की नई तकनीक विकसित कर लोगों को इसका लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आईआईटी भिलाई को 55 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। भारत सरकार की पहल पर आईआईटी भिलाई के स्टूडेंट्स में स्किल डेवलपमेंट करने वर्कशॉप का आयोजन भी किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य गतिविधियों में राशि खर्च की जाएगी।

दो कम्पनियों के बीच ब्लॉकचेन तकनीक से अनुबंध
खास बात यह है कि यहां तैयार की गई तकनीक को देश भर के बैंकों में इस्तेमाल किया जाएगा। ताकि प्राइवेट बैंकों में काम करने वाले किसी भी दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी न कर सकें। इस तकनीक के माध्यम से पूरी जानकारी सिर्फ आरबीआई के पास होगी। जिसमें छेड़छाड़ नहीं किया जा सकेगा। दो कंपनियों के बीच स्मार्ट कांटेक्ट यह एक तरह की नई तकनीक है। जैसे दो बड़ी कंपनी आपस में अनुबंध करती है तो यह अनुबंध ऑनलाइन ब्लॉकचेन बेस रहेगा। इसमें अनुबंध के नियम शर्त के अनुसार उस समय पर ऑनलाइन ऑटोमेटिक लेनदेन होगा, जिससे किसी को धोखा नहीं दे सकेगा

सरकारी योजनाओं में मिलेगा लाभ
राज्य व केंद्र सरकार द्वारा कई तरह के योजनाएं तैयार की जाती है। जिसके तहत हितग्राही के खाते में सीधा पैसा झने कराया जाता है। सहायता राशि में विधवा पेंश, वृद्धा पेंशन, गर्भवती महिलाओं को सहायता राशि दी जाती है। इस तकनीक के माध्यम से सभी तरह की सरकारी राशि सीधे हितग्राही के खाते में पहुंचे। कोई बीच में हितग्राही से कमीशन ना ले सके। इसके लिए नई टेक्नोलॉजी डेवलप की जा रही है।

आम जनता को मिले लाभ, सुरक्षित लेन-देन
दरअलस केंद्र सरकार के अनुसार वर्तमान समय में ऑनलाइन लेनदेन में कई तरह के ठगी और गड़बड़ी के मामले सामने आते है। बैंकिंग सेक्टर में भी लम्बी प्रक्रिया का सामना लोगों को करना पड़ता है। इस तरह मामले को रोकने के लिए नई टेक्नोलॉजी विकसित की जाएगी। जिससे आसानी से ऑनलाइन लेनदेन की प्रकिया हो सके। किसी के साथ ठगी हो उसे कैसे रोका जा सकता है।
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