छत्तीसगढ़ विधानसभा में उजागर हुआ, वन विभाग का टेंडर घोटाला
रायपुर, 15 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को वन विभाग में हुए भ्रष्टचार का मामला जोरशोर से उठा। सदन में भूपेश बघेल सरकार के मंत्री ने खुद स्वीकार किया कि वन विभाग के टेंडरों में गड़बड़ी की गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इस टेंडर घोटाले के सामने आने बाद वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि बाद दोषी पाये जाने वालों पर कार्रवाई होगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदन में में मंगलवार को वन विभाग में टेंडर घोटाले का मामला उठा। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बघेल से प्रश्न किया कि इस घोटाले को लेकर जांच कहां पहुंची है ,मामले में क्या कार्रवाई की गई है। विधानसभा में उपस्थित वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने नेता प्रतिपक्ष के प्रश्न का जवाब देते हुए माना कि टेंडर को लेकर गड़बड़ी हुई है।
राज्य के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने सदन को बताया कि राज्य के वन अधिकारियों ने कुल 37 टेंडर जारी थे। इसमें से 33 टेंडरों में अनियमितता पाई गई है।मिली जानकारीके मुताबिक इन टेंडरों को निकालने के लिए 9 अधिकारी जिम्मेदार हैं। इसमें से 6 आईएफएस अफसर हैं।
व् मंत्री अकबर के मुताबिक टेंडरों में 30 दिन की अवधि होनी चाहिए ,किन्तु 21 दिन का समय दिया गया था। टेंडर में भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया था । मोहम्मद अकबर ने बताया, फ़िलहाल मामले में किसी को जांच अधिकारी नहीं बनाया गया है। डिपार्टमेंटल जाँच की जा रही है।जिसके तहत अधिकारियो को कारण बताओ नोटिस जारी क्या गया हैो उन्हें अजवाब देने के लिए 15 दिन का वक़्त दिया गया है।












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