छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 2 वर्दीधारी नक्सली ढेर
Chhattisgarh Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है, जिसमें दो वर्दीधारी नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ बासागुड़ा थाना क्षेत्र के नेंद्रा के जंगलों में हो रही है, जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसके बाद CRPF, DRG और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम मौके पर भेजी गई। नक्सलियों ने जवानों पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद पुलिस ने भी उनका मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, अभी तक नक्सलियों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुठभेड़ अभी भी जारी है।
बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की जानकारी दी है। पुलिस ने बताया कि इलाके में भारी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी के चलते मुठभेड़ जारी है और सुरक्षा बल पूरी सतर्कता से कार्रवाई कर रहे हैं।

बीजापुर में नक्सलियों का तांडव, भाजपा कार्यकर्ता की हत्या
बीजापुर जिले में नक्सलियों का तांडव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दस दिनों में नक्सलियों ने मुखबिरी के आरोप में पांच हत्याएं की हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हाल ही में नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता कुड़ियाम माड़ो की हत्या कर दी। माड़ो को नक्सलियों ने उसके घर से उठाकर जंगल ले गए और गला घोंटकर मार डाला। हत्या के बाद नक्सलियों ने शव को तोयनार चौक के पास फेंक दिया और एक पर्चा भी छोड़ा, जिसमें माड़ो पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया था।
पिछले एक सप्ताह में पांच हत्याएं
यह घटना एक सप्ताह में हुई पांचवीं हत्या है। इससे पहले, नक्सलियों ने मद्देड़ थाना क्षेत्र की महिला यालम सुकरा और दो भाजपा नेताओं की हत्या की थी। इन हत्याओं को नक्सलियों ने मुखबिरी के आरोप में अंजाम दिया। इसके अलावा बासागुड़ा में एक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भी हत्या की गई थी। नक्सलियों ने इन हत्याओं के बाद पर्चे भी छोड़े, जिनमें पुलिस से सहयोग करने वाले लोगों को मौत की सजा देने की धमकी दी गई।
माओवादी परेशान, एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी सफलता
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का ऐलान किया था। इसके बाद से बस्तर में सुरक्षा बलों ने लगातार एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाए, जिससे नक्सलियों पर दबाव बढ़ गया है। 2024 में अब तक सुरक्षा बलों ने 207 नक्सलियों को ढेर किया है। इस बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अब ग्रामीणों और भाजपा के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं।












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