छत्तीसगढ़ में बिजली हो गई महंगी, कीमत बढ़ाने संबंधी कानून पर राज्यपाल ने किये दस्तखत
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बिजली महंगी हो गई है। दरअसल छत्तीसगढ़ में विद्युत शुल्क-संशोधन अधिनियम अब प्रभावी होने जा रहा है। भूपेश बघेल सरकार ने इस कानून में ऊर्जा शुल्क में वृद्धि करने की व्यवस्था की है।
रायपुर, 01 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बिजली महंगी हो गई है। दरअसल छत्तीसगढ़ में विद्युत शुल्क-संशोधन अधिनियम अब प्रभावी होने जा रहा है। भूपेश बघेल सरकार ने इस कानून में ऊर्जा शुल्क में वृद्धि करने की व्यवस्था की है। शुक्रवार को प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उइके इस विधेयक पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून को पूरी तरह लागू करने में अब महज एक कदम की दूरी बची है। जैसे ही राज्य सरकार इसका प्रकाशन असाधारण राजपत्र में कर देगी,वैसे ही छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं बिजली बिल में हर महीने कम से कम 12.36 रुपए की वृद्धि हो जाएगी ।

राज्यपाल अनुसुईया उईके ने शुक्रवार को इस विधेयक पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में परिवर्तन करने संबंधी विधेयक को हाल ही में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पारित किया था। इस कानून के माध्यम से ऊर्जा शुल्क में 3 से 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। घरेलू कनेक्शन पर प्रति इकाई ऊर्जा शुल्क 8 फीसदी से बढ़ाकर 11 फीसदी कर दिया गया है। वहीं गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा शुल्क 12 से बढ़ाकर 17प्रतिशत किया गया है। इसी प्रकार सीमेंट उद्योगों की कैप्टिव माइंस के लिए इसे 15 फीसदी से बढ़ाकर 21फीसदी करने का प्रावधान रखा गया है । गैर सीमेंट खदानों में यह शुल्क 56 प्रतिशत तक तय किया गया है। छत्तीसगढ़ के प्राइवेट और सार्वजनिक कम्पनियों आदि यूनिटों के लिए भी ऊर्जा प्रभारों के % में शुल्क की दरें बढ़ा दी गयी हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में बीते महीने ही बिजली 30 पैसे प्रति इकाई तक महंगी हो गई थी। इसका कारण VCA-वेरिेएबल कास्ट एडजस्टमेंट चार्ज में वृद्धि थी।












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