छत्तीसगढ़: अदालत के फैसले के बाद भी रेडी टू ईट मामले में सियासत, भाजपा महिला मोर्चा पहुंची राजभवन
Chhattisgarh: Politics in ready-to-eat case even after the court's decision, BJP Mahila Morcha reached Raj Bhavan
रायपुर ,29 अप्रैल। रेडी टू ईट मामले में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद इस मामले में विपक्ष जहां एक तरफ हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करने की बात कह रहा है,वहीं महिला स्वसहायता समूहों के साथ खड़े होने की बात भी कह रहा है। शुक्रवार को भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने राजभवन जाकर राज्यपाल अनुसईया उईके को ज्ञापन सौंपा ।

इस दौरान उन्होंने राज्यपाल से रेडी टू ईट निर्माण का कार्य महिला स्व सहायता समूह को दिए जाने के संबंध में अपनी बातें विस्तार से रखी । महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि हाईकोर्ट ने रेडी टू ईट निर्माण को लेकर 287 याचिकाओं को खारिज करते छत्तीसगढ़ सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है, हम सभी अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार अब अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए यह कार्य फिर से महिला स्व सहायता समूह को सौंपना चाहिए।
महिलाओ को बेरोज़गार कर रही है कांग्रेस सरकार:भाजपा
महिला मोर्चा की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि एक तरफ छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें करती है , दूसरी ओर उन्हीं महिलाओं के हाथों से काम छीनकर उन्हें बेराजगार करने का काम भी कर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के उत्थान और शक्तिकरण के लिए महिला समूह का गठन करके उन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत कई कार्य सौंपे है, इसलिए कांग्रेस सरकार महिला स्व. सहायता समूहों के काम को छीनकर उन्हें बेराजगार करने का काम कर रही है
इधर बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहना है कि सरकार ने आश्वस्त किया है कि महिला स्व सहायता समूह को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा, सरकार उनको फूड वितरण देगी। शुक्ला ने कहा कि अदालत ने भी स्वीकार किया है कि सरकार की तरफ से लिया गया रेडी टू ईट फूड निर्माण का फैसला सही था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सरकार ने ये निर्णय लिया था कि बच्चों के मध्यान भोजन में सही मात्रा में न्यूट्रिशन जरूर होना चाहिए, इसीलिए निर्णय लिया गया था कि यह काम अब बीज निगम के जरिये से मशीनों से करवाया जाएगा।
क्या है मामला ?
दरअसल भूपेश बघेल सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को बांटे जाने वाले रेडी टू ईट खाद्य सामग्री के वितरण का कार्य केंद्रीयकृत करने का फैसला लिया है। पहले यह काम महिला स्व सहायता समूह के जरिये करवाया जाता था । सरकार के इस फैसले के खिलाफ 5 महिला स्व सहायता समूहों ने कोर्ट मे जनहित याचिका दायर की थी। इसके साथ ही अलग-अलग स्व सहायता समूह की तरफ से कुल 287 याचिकाएं दायर की गई थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया था।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों में वितरित किये जाने वाली रेडी टू इट फूड को अब स्वचलित मशीन से उत्पादन करने का फैसला लिया है। बीते साल 22 नवंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से आहार की व्यवस्था और गुणवत्ता में सुधार होगा।
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