राजस्व से जुड़े मामलों पर मंत्री टंकराम वर्मा ने की चर्चा, अधिकारियों को दी ये चेतावनी
Chhattisgarh News: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजस्व पखवाड़ा और राज्य में राजस्व से जुड़े अन्य मामलों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन के अनुरूप जनता को सुविधाएं देने और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
राजस्व पखवाड़े के दौरान 6 से 20 जुलाई तक सभी जिलों के गांवों में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। बी-1, खसरा नकल और किसान किताब के आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।

साथ ही, आय-जाति और निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों को लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कर उनका पूर्ण निराकरण किया जाएगा। प्रदेश में 7 लाख 4 हजार 154 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें से 5 लाख 90 हजार 490 का निराकरण किया जा चुका है। शेष प्रकरणों का निराकरण शीघ्र करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य राजस्व पखवाड़े के दौरान त्वरित समाधान सुनिश्चित कर लोगों को प्रकरण निराकरण के लिए भटकने की आवश्यकता को समाप्त करना है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 में राजस्व विभाग के अंतर्गत 25 सेवाएं अधिसूचित की गई हैं।
इनमें नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, डायवर्सन, ऋण पुस्तिका, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, अपील, पुनरीक्षण, समीक्षा प्रकरण, त्रुटि सुधार, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा क्षति के लिए आर्थिक सहायता शामिल हैं। इन सभी सेवाओं का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाएगा।
वित्तीय सहायता और तकनीकी सुधार
फसल क्षति, मकान क्षति, बाढ़ या आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के लिए सभी 33 जिलों में 143 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि आवंटित की जा रही है। प्रत्येक जिले में भू-अभिलेख संबंधी मुद्दों जैसे भुइयां सॉफ्टवेयर की समस्या और ई-कोर्ट की तकनीकी कठिनाइयों को संभालने के लिए एक सहायक प्रोग्रामर को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
जनता की पहुंच बढ़ाने के लिए भुइयां और ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में व्हाट्सएप इंटीग्रेशन जोड़ा जा रहा है। इससे लोग व्हाट्सएप के ज़रिए आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, भू-राजस्व रसीदों के लिए पेमेंट गेटवे शुरू किया जा रहा है ताकि ट्रेजरी चालान के बजाय बैंक खातों, यूपीआई आईडी या नेट बैंकिंग के ज़रिए भुगतान किया जा सके।
भूमि अभिलेखों में तकनीकी प्रगति
स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन से सभी गांवों में आबादी भूमि का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक 10,375 गांवों का मानचित्र-1 प्राप्त हो चुका है। अक्टूबर 2024 तक भूमिधारियों को अधिकार अभिलेख वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। चिप्स तकनीकी एजेंसी को जियो-रेफरेंसिंग डेटा तैयार करने तथा सेवा भूमि की अनाधिकृत बिक्री के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का कार्य सौंपा गया है।
जियो-टैगिंग तकनीक वाले मोबाइल ऐप का उपयोग करके डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण में राज्य, जिला, तहसील और गांव स्तर पर प्रत्येक मौसम में उगाई जाने वाली फसलों का रिकॉर्ड रखा जाता है। एकत्र किए गए डेटा से आयात-निर्यात संबंधी निर्णय लेने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी योजनाओं को सहायता मिलेगी।
भू-संदर्भ पहल
प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के अंतर्गत सभी राजस्व गांवों के पटवारी मानचित्रों की जियो-रेफरेंसिंग शुरू हो गई है। इस कार्य के लिए चिप्स को तकनीकी एजेंसी नियुक्त किया गया है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि राजस्व न्यायालय के सभी पीठासीन अधिकारी राजस्व के सभी मामलों को शीघ्रता से दर्ज करें। शून्य आदेश पत्र या पुरानी उपस्थिति तिथि वाले मामलों को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आधार संख्या को मोबाइल नंबरों के साथ तथा भू-स्वामियों के खातों में किसान किताब संख्या को एकीकृत करने का लक्ष्य यथाशीघ्र 100% पूरा करना है। तकनीकी प्रगति और कुशल प्रक्रियाओं के माध्यम से राजस्व सेवाओं में सुधार लाने के राज्य के प्रयास सुशासन और लोक कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।












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